September 13, 2026 7:47 pm

खेत में सोलर प्लांट लगवाने का पूरा खर्च, आवेदन प्रक्रिया और भारी सब्सिडी की पूरी जानकारी

खेती किसानी में लगातार बढ़ती लागत और डीजल-बिजली के महंगे बिलों से परेशान अन्नदाताओं के लिए केंद्र और राज्य सरकारें लगातार ऐसी योजनाएं चला रही हैं जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके। पारंपरिक खेती के साथ-साथ यदि किसान भाई अपने खेतों या बंजर पड़ी भूमि पर सौर ऊर्जा यानी सोलर प्लांट या सोलर पंप लगवाते हैं, तो सरकार की तरफ से बंपर सब्सिडी दी जा रही है। प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान यानी पीएम-कुसुम योजना के तहत किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए सोलर पंप और बड़े सोलर पावर प्लांट स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को बिजली और डीजल के खर्च से पूरी तरह मुक्त करना है ताकि वे कम लागत में बेहतर सिंचाई कर सकें और अपनी आमदनी को कई गुना बढ़ा सकें।

प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत मुख्य रूप से तीन श्रेणियों या कंपोनेंट के तहत काम किया जाता है, जिसमें किसानों को अलग-अलग स्तर पर वित्तीय मदद मिलती है। यदि कोई किसान अपने खेत में स्टैंडअलोन सोलर पंप लगवाना चाहता है, तो उसे कुल लागत का केवल एक छोटा हिस्सा ही खुद देना पड़ता है। सामान्य और ओबीसी वर्ग के किसानों के लिए केंद्र सरकार 30 प्रतिशत और राज्य सरकार की ओर से कम से कम 30 प्रतिशत यानी कुल 60 प्रतिशत तक की भारी सब्सिडी दी जाती है। वहीं कुछ विशेष श्रेणियों जैसे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या बुंदेलखंड जैसे प्राथमिकता वाले इलाकों के किसानों के लिए यह सब्सिडी बढ़कर 90 प्रतिशत तक हो जाती है। बाकीची बची हुई लगभग 30 से 40 प्रतिशत राशि के लिए किसानों को बैंकों के माध्यम से बेहद आसान किस्तों पर लोन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है जिससे शुरुआती भुगतान का बोझ कम हो जाता है।

आवेदन करने से पहले किसानों के पास कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों का होना अनिवार्य है ताकि पंजीकरण प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की बाधा न आए। किसान के पास अपना अपडेटेड आधार कार्ड, जमीन के कागजात जैसे खतौनी या खसरा और नक्शा, बैंक खाता विवरण जो आधार से सीडेड हो, पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ और मोबाइल नंबर होना जरूरी है। यह ध्यान रखना बेहद आवश्यक है कि खतौनी या भूमि के दस्तावेज में दर्ज नाम और आधार कार्ड का नाम पूरी तरह से मेल खाना चाहिए ताकि तकनीकी सत्यापन के दौरान आवेदन रद्द न हो। इसके अलावा यदि कोई किसान बड़े पैमाने पर ग्रिड से जुड़ा सोलर पावर प्लांट लगाना चाहता है, तो उसके पास विद्युत उपकेंद्र के नजदीक तय सीमा के अनुसार जमीन का होना और उससे जुड़े नियम पूरे होने चाहिए।

पीएम-कुसुम योजना के तहत सोलर पंप या प्लांट के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन और पारदर्शी रखी गई है ताकि किसानों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। इसके लिए सबसे पहले आपको अपने राज्य की नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी की आधिकारिक वेबसाइट या केंद्र सरकार के आधिकारिक पीएम-कुसुम पोर्टल पर जाना होगा। होमपेज पर जाने के बाद आपको ‘पीएम-कुसुम योजना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन’ के विकल्प पर क्लिक करना होगा, जहां मांगी गई सभी व्यक्तिगत और जमीन से जुड़ी जानकारी सावधानीपूर्वक भरनी होगी। इसके बाद अपने सभी जरूरी दस्तावेजों की स्कैन की हुई कॉपी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी और फॉर्म को सबमिट करना होगा। विभाग द्वारा आपके दस्तावेजों और जमीन का भौतिक सत्यापन किए जाने के बाद आपको अप्रूवल मिलता है, जिसके बाद तयशुदा लाभार्थी अंश राशि जमा करके अपने खेत में सोलर प्लांट या पंप स्थापित करवा सकते हैं।

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