October 29, 2026 9:16 am

BREAKING NEWS

डिजिटल सुशासन से पिछड़े वर्ग के युवाओं को मिलेगा लाभ, पोर्टल बनेगा मील का पत्थर केंद्रीय कर्मचारियों को दिवाली का तोहफा, महंगाई भत्ते में 3% बढ़ोतरी को कैबिनेट की मंजूरी खाद्य विभाग के अधिकारियों का IIM इंदौर में 5 दिवसीय प्रबंधन प्रशिक्षण बंगाल कैबिनेट का बड़ा फैसला: नए भर्ती होने वाले शिक्षक अब नहीं लड़ सकेंगे चुनाव जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्रों को मजबूत बनाएं, निर्बाध संचालन सुनिश्चित करें : मंत्री कुशवाहा चीन के पास 1800 लड़ाकू विमान, फिर भी भारत से हवाई जंग में क्यों कमजोर पड़ सकता है ड्रैगन? India-China Air War: चीन के पास ज्यादा फाइटर जेट, लेकिन तिब्बत के एयरबेस बन सकते हैं बड़ी चुनौती; जानें वजह भारत-चीन हवाई मुकाबले में सिर्फ विमानों की संख्या नहीं, ऊंचाई और हथियार भी अहम; समझें ड्रैगन की मुश्किलें

जिले में जंगलों की अंधाधुंध कटाई, वन सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में

एमसीबी जिला (मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर) में इन दिनों जंगलों की अंधाधुंध कटाई ने न केवल पर्यावरणीय संतुलन को खतरे में डाल दिया है, बल्कि वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मनेंद्रगढ़ वन मंडल के अंतर्गत आने वाले केल्हारी, बिहारपुर और मनेंद्रगढ़ परिक्षेत्र के घने जंगलों में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई की खबरें सामने आ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रात के अंधेरे में ट्रैक्टर, ट्रॉली और पिकअप वाहनों के जरिए अवैध रूप से लकड़ी की तस्करी की जा रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं।

 

स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों ने वन विभाग की इस निष्क्रियता पर गहरी नाराजगी जताई है। वे पूछ रहे हैं कि जब विभाग के पास पर्याप्त स्टाफ और संसाधन मौजूद हैं, तब भी जंगलों की चौकीदारी क्यों नहीं हो पा रही है? क्या यह मिलीभगत का मामला है या विभागीय लापरवाही का?

 

हैरानी की बात यह है कि पूरे इलाके में वन अपराधियों के हौसले बुलंद हैं, लेकिन वन मंडल के अधिकारी जंगलों की सुरक्षा की बजाय अपने दफ्तरों में आराम फरमाते नजर आ रहे हैं। कई बार मीडिया ने जब इन मामलों में जानकारी लेने की कोशिश की तो संबंधित अधिकारी जवाब देने से कतराते दिखे। वन मंडल अधिकारी से संपर्क करने पर उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया, उल्टा मीडिया से दूरी बनाना शुरू कर दिया है।

 

इस पूरे मामले ने वन विभाग की पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र के लोग अब इस बात की मांग कर रहे हैं कि राज्य सरकार और उच्च स्तरीय वन्य अपराध नियंत्रण प्रकोष्ठ इस पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करे। वरना आने वाले दिनों में एमसीबी जिला अपने हरियाली की पहचान खो देगा और इसका खामियाजा आने वाली पीढ़ियों को भुगतना पड़ेगा।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

R . 1

Advertisement Carousel

Your Opinion

Will Donald Trump's re-election as US President be beneficial for India?
error: Content is protected !!