
सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा ने बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज की याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया, जिसमें उन्होंने ₹200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोप तय करने के दिल्ली कोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी।
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति अतुल एस चंदूरकर की पीठ ने सुनवाई की शुरुआत में जैकलीन के वकील और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को सूचित किया कि मामला दूसरी पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाएगा.
25 जून को फिर से सुनवाई होगी
जस्टिस मिश्रा ने कहा कि उनका बेटा एक संबंधित मामले में सरकार की ओर से पेश हुआ था. उन्होंने मामले को 25 जून को उस पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया जिसमें दोनों में से कोई भी सदस्य शामिल नहीं हो।
दिल्ली की एक अदालत ने 30 मई को ₹200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जैकलीन फर्नांडीज, सुकेश चंद्रशेखर और 15 अन्य के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया।
जैकलीन ने आरोपों को पूरी तरह झूठा बताया
3 जून को जैकलीन दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश हुईं। कोर्ट में सुनवाई के दौरान एक्ट्रेस ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया।

जैकलीन 3 जून को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई के लिए जा रही हैं।
क्या है ये 200 करोड़ का मामला? यह पूरा मामला हाई-प्रोफाइल ठग सुकेश चन्द्रशेखर से जुड़ा है. सुकेश पर दिल्ली की रोहिणी जेल के अंदर फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह की पत्नी अदिति सिंह से ₹200 करोड़ की उगाही करने का आरोप है। जांच एजेंसी ईडी का दावा है कि सुकेश ने उगाही के इस पैसे का बड़ा हिस्सा जैकलीन फर्नांडीज और उसके परिवार पर खर्च किया. जैकलीन को लुभाने के लिए सुकेश ने करोड़ों रुपए के तोहफे दिए.
जैकलीन ईडी की सप्लीमेंट्री चार्जशीट में आरोपी हैं प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मामले की जांच के बाद दायर अपने पूरक आरोप पत्र में जैकलीन फर्नांडीज को भी आरोपी के रूप में नामित किया था। ईडी ने कहा कि जैकलीन को पहले से ही सुकेश की आपराधिक पृष्ठभूमि और जबरन वसूली के माध्यम से प्राप्त धन के बारे में पता था, फिर भी वह उससे महंगे उपहार स्वीकार करती रही। इन उपहारों में लक्जरी कारें, महंगे ब्रांडेड बैग, कपड़े, गहने और कई मूल्यवान पालतू जानवर शामिल थे।

लीगल टीम की दलील- जैकलीन खुद एक विक्टिम हैं वहीं जैकलीन फर्नांडीज की लीगल टीम लगातार कोर्ट में दलील दे रही है कि एक्ट्रेस इस मामले में पूरी तरह से निर्दोष हैं. उनके वकीलों का कहना है कि जैकलीन खुद सुकेश चन्द्रशेखर की साजिश का शिकार हो गईं और उन्होंने सुकेश को बिजनेसमैन समझकर उनसे दोस्ती कर ली.
जांच के दौरान सुकेश और जैकलीन की कई निजी तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हुईं. फिलहाल इस मामले में कोर्ट यह तय कर रही है कि आरोपों के आधार पर केस को कैसे आगे बढ़ाया जाए.









