बस्तर में कृषि विकास को मिलेगी गति: कृषि मंत्री श्री नेताम

कृषि, पशुपालन, मत्स्य एवं उद्यानिकी विभागों की योजनाओं की संभाग स्तरीय समीक्षा

रायपुर, 4 जुलाई 2026

सिंचाई विस्तार, फसल विविधीकरण और विभागीय अभिसरण पर दिया जोर

कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने शुक्रवार  को बीजापुर कलेक्टोरेट सभाकक्ष में बस्तर संभाग के बीजापुर, दंतेवाड़ा एवं सुकमा जिलों के कृषि एवं संबद्ध विभागों की योजनाओं और कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य करें तथा शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध ढंग से पहुंचाना सुनिश्चित करें।

’किसानों को वैज्ञानिक खेती के लिए करें प्रेरित’

कृषि मंत्री श्री नेताम ने कहा कि अल-नीनो की संभावित परिस्थितियों को लेकर किसानों में किसी प्रकार का भ्रम या भय उत्पन्न न किया जाए। किसानों को वैज्ञानिक सलाह, उन्नत तकनीकों तथा फसल प्रबंधन के माध्यम से बेहतर उत्पादन के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने उपलब्ध भू-जल संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए नलकूप, कुएं एवं अन्य सिंचाई साधनों का विस्तार कर सिंचित क्षेत्र बढ़ाने के निर्देश दिए।

उन्होंने धान के साथ-साथ मक्का, मूंग, उड़द, मूंगफली, श्रीअन्न तथा अन्य वैकल्पिक फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने पर बल दिया। दंतेवाड़ा जिले में मक्का उत्पादन के सफल मॉडल को अन्य क्षेत्रों में भी अपनाने के निर्देश दिए।

’मिलेट्स, जैविक खेती और बीज उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा’

श्री नेताम ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में उत्पादित श्रीअन्न (मिलेट्स) के बेहतर विपणन की व्यवस्था विकसित की जाए। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से मूल्य संवर्धन कर आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाए।

उन्होंने दलहन एवं तिलहन फसलों के गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन को बढ़ावा देने, बीज प्रसंस्करण इकाई की स्थापना के लिए प्रस्ताव तैयार करने तथा रबी फसलों के रकबे में वृद्धि हेतु सौर सिंचाई पंपों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही किसानों को रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर जैविक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने पर भी विशेष बल दिया।

’पशुपालन और मत्स्य पालन योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश’

कृषि मंत्री ने पशुपालन विभाग की समीक्षा करते हुए मोबाइल वेटरनरी यूनिट एवं टोल फ्री नंबर 1962 का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं के लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति तथा कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रमों में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

उन्होंने बीजापुर, दंतेवाड़ा एवं सुकमा जिलों में कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी एवं मत्स्य विभागों के समन्वय से एकीकृत कृषि प्रणाली (इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संयुक्त कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए।

’मत्स्य एवं उद्यानिकी क्षेत्र के विकास पर विशेष फोकस’

बैठक में मत्स्य पालन विभाग को एकीकृत मत्स्य पालन मॉडल विकसित करने, किसान क्रेडिट कार्ड एवं तालाब पट्टा वितरण के लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूरा करने तथा शासकीय मत्स्य बीज प्रक्षेत्रों में प्रशिक्षण सुविधाओं का विस्तार करने के निर्देश दिए गए। मत्स्य बीज उत्पादन क्षमता बढ़ाने तथा प्रक्षेत्रों में व्यापक वृक्षारोपण करने पर भी बल दिया गया।

उद्यानिकी विभाग की समीक्षा के दौरान कृषि मंत्री ने बीजापुर जिले में हल्दी, नारियल एवं अन्य व्यावसायिक फसलों के क्षेत्र विस्तार के लिए कार्ययोजना तैयार करने, ऑयल पाम योजना का प्रभावी प्रचार-प्रसार करने तथा विभागीय योजनाओं का लाभ अधिकाधिक किसानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय शासकीय भूमि पर प्रदर्शन प्लॉट विकसित कर किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया।

बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त श्री  सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, संचालक कृषि  श्री राहुल देव सहित कृषि एवं संबद्ध विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

R No. 13843/ 75

Advertisement Carousel

Your Opinion

Will Donald Trump's re-election as US President be beneficial for India?
error: Content is protected !!