September 20, 2026 7:42 pm

मिर्च की खेती बनी महेंद्र की आय का आधार, उन्नत खेती से बदली आर्थिक तस्वीर

रायपुर, 20 सितंबर 2026

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (WDC-PMKSY 2.0) के माध्यम से किसानों को उन्नत कृषि पद्धतियों, सिंचाई सुविधाओं और आवश्यक सहयोग से जोड़ने के प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में खेती की तस्वीर बदल रही है। जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड के ग्राम सन्ना निवासी छोटे किसान श्री महेंद्र कुमार यादव, पिता श्री अमर कुंवर यादव की कहानी इसका उदाहरण है। सीमित पूंजी के कारण पहले महज 50 डिसमिल भूमि में मिर्च की खेती करने वाले महेंद्र ने शासकीय अनुदान और विभागीय मार्गदर्शन का लाभ लेकर खेती का विस्तार किया और इस वर्ष मिर्च उत्पादन से करीब 1 लाख रुपये की शुद्ध आय अर्जित की।

अनुदान से बढ़ा खेती का दायरा

आर्थिक स्थिति कमजोर होने और पूंजी की कमी के कारण महेंद्र कुमार यादव पहले पारंपरिक तरीके से केवल 50 डिसमिल भूमि में ही मिर्च की खेती कर पाते थे। सीमित क्षेत्रफल, उत्पादन और अधिक लागत के कारण खेती से होने वाली आय भी सीमित थी।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत उत्पादन प्रणाली मद में मिर्च की खेती के लिए उन्हें 38 हजार रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ। अनुदान का लाभ मिलने के बाद उन्होंने एक एकड़ भूमि लीज पर लेकर उन्नत किस्म की मिर्च की खेती शुरू की। विभागीय तकनीकी मार्गदर्शन और सिंचाई सुविधा का लाभ लेकर उन्होंने खेती का दायरा बढ़ाया।

मिर्च की खेती से करीब एक लाख रुपये की शुद्ध आय

उन्नत खेती, बेहतर सिंचाई प्रबंधन और तकनीकी मार्गदर्शन का परिणाम यह रहा कि इस वर्ष महेंद्र कुमार यादव को मिर्च की खेती से करीब 1 लाख रुपये की शुद्ध आय प्राप्त हुई। खेती के क्षेत्रफल में वृद्धि के साथ उत्पादन और आय में भी सुधार हुआ, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिली है।

महेंद्र कुमार यादव बताते हैं कि पहले पूंजी के अभाव में वे सीमित क्षेत्र में ही मिर्च की खेती कर पाते थे। योजना से मिले अनुदान ने उन्हें खेती का विस्तार करने का अवसर दिया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष मिर्च की खेती से करीब एक लाख रुपये की शुद्ध आय प्राप्त हुई है।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार

श्री महेंद्र कुमार यादव ने अपनी सफलता के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शासकीय योजनाओं से मिलने वाली सहायता और विभागीय मार्गदर्शन से छोटे किसानों को अपनी खेती को आगे बढ़ाने और आय के नए अवसर तलाशने में मदद मिल रही है।

महेंद्र की सफलता यह दर्शाती है कि उचित मार्गदर्शन, सिंचाई सुविधा और समय पर मिलने वाली शासकीय सहायता से छोटे किसान भी पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर उन्नत कृषि को आय का मजबूत आधार बना सकते हैं।

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