October 26, 2026 12:01 pm

राजस्थान में चक्रवाती तूफान का असर: बदल गया मौसम का मिजाज

रेतीले धोरों और अपनी चिलचिलाती गर्मी के लिए देश-दुनिया में पहचाने जाने वाले राजस्थान राज्य में मौसम ने एक बार फिर से बेहद नाटकीय और चौंकाने वाला यू-टर्न ले लिया है। बंगाल की खाड़ी और आसपास के समुद्री क्षेत्रों से उठने वाले चक्रवाती सिस्टम (Cyclonic Circulation) का असर अब देश के पश्चिमी छोर तक पहुंच गया है, जिसके चलते रेगिस्तानी राज्य राजस्थान के मौसम का पूरा समां बदल गया है। मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) द्वारा जारी ताजा और गंभीर चेतावनी के अनुसार, चक्रवात के प्रभाव से राजस्थान के आसमान में घने काले बादलों ने डेरा डाल दिया है और प्रदेश के कम से कम 10 प्रमुख जिलों में झमाझम मूसलाधार बारिश, तेज हवाओं तथा आकाशीय बिजली गिरने का हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। पिछले कुछ दिनों से उमस और हल्की गर्मी का सामना कर रहे प्रदेशवासियों को इस अचानक आए मौसमी बदलाव से भले ही तापमान में भारी गिरावट दर्ज होने पर राहत मिली हो, लेकिन अचानक शुरू हुई इस मानसूनी हलचल ने किसानों और जिला प्रशासन की धड़कनें तेज कर दी हैं। खेतों में पककर तैयार खड़ी फसलें इस बेमौसम बारिश और तेज हवा के कारण खतरे की जद में आ गई हैं, जिसे लेकर किसानों की चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं।

राजस्थान के कई हिस्सों में पिछले चौबीस घंटों के दौरान अचानक तेज हवाएं चलने और आसमान में गर्जना के साथ बौछारें पड़ने का सिलसिला शुरू हो चुका है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि चक्रवाती प्रभाव के कारण नमी वाली हवाएं सीधे रेगिस्तानी इलाकों की तरफ बढ़ रही हैं, जिससे वातावरण में अस्थिरता पैदा हुई है और अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश का यह दौर जारी रहने की पूरी संभावना है। राज्य के सीमावर्ती और दक्षिणी जिलों में विशेष तौर पर इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सभी संबंधित जिलों के आपदा प्रबंधन विभागों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश जारी कर दिए हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि मौसम विभाग के ताजा अपडेट के मुताबिक राजस्थान के वे कौन-कौन से 10 जिले हैं जिन्हें इस चक्रवाती बारिश के लिए सबसे ज्यादा संवेदनशील माना गया है।

प्रदेश के किन 10 जिलों में जारी किया गया है चक्रवाती बारिश और आंधी का अलर्ट?

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, चक्रवाती सिस्टम के असर से जिन 10 जिलों में भारी बारिश, तेज अंधड़ और वज्रपात की सबसे अधिक आशंका जताई गई है, उनमें मुख्य रूप से कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़, सवाई माधोपुर, टोंक, जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ शामिल हैं। इन जिलों के कई ग्रामीण और शहरी इलाकों में काले बादलों की घनी चादर तनी हुई है और अचानक तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो चुकी है। मौसम विभाग ने वाहन चालकों और आम नागरिकों को सलाह दी है कि वे खराब मौसम के दौरान कमजोर पेड़ों, पुराने मकानों और बिजली के ट्रांसफार्मर या खंभों के पास खड़े होने से पूरी तरह बचें ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से सुरक्षित रहा जा सके।

किसानों के लिए चेतावनी और फसल सुरक्षा के निर्देश

राजस्थान के इन इलाकों में इस समय खरीफ की फसलें जैसे बाजरा, ज्वार, मूंग और सोयाबीन कटाई के मुहाने पर हैं या खेतों में सूखने के लिए पड़ी हैं। ऐसे में चक्रवाती तूफान और अचानक शुरू हुई इस भारी बारिश ने किसानों की नींद उड़ा दी है। कृषि विभाग ने किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी करते हुए अपील की है कि अगर संभव हो तो कटी हुई फसल को तुरंत सुरक्षित स्थानों या गोदामों में सुरक्षित रख लें, ताकि उन्हें भीगने और खराब होने से बचाया जा सके। प्रशासन लगातार स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है और उम्मीद की जा रही है कि अगले कुछ दिनों में यह चक्रवाती सिस्टम कमजोर पड़ जाएगा और मौसम फिर से सामान्य होना शुरू हो जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

R . 1

Advertisement Carousel

Your Opinion

Will Donald Trump's re-election as US President be beneficial for India?
error: Content is protected !!