October 18, 2026 4:44 am

स्वरोजगार से आत्मनिर्भरता की राह पर ग्रामीण महिलाएं

रायपुर, 17 अक्टूबर 2026

कलेक्टर ने पूजा महिला स्व-सहायता समूह की आजीविका गतिविधियों का लिया जायजा

स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक रूप से मजबूत होकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, जीवन स्तर में सुधार लाना और विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। स्व-सहायता  समूहों ने महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ये समूह महिलाओं को छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू करने, कृषि-आधारित कार्यों में भाग लेने और गैर-पारंपरिक उद्योगों में रोजगार के अवसर प्रदान करते हैं। स्व-सहायता समूह के माध्यम से महिलाओं की आय में वृद्धि हुई है। इसके अतिरिक्त स्व-सहायता समूह ने महिलाओं को अपनी आय बढ़ाने के लिए नए कौशल सीखने का अवसर प्रदान किया है, जैसे कि सिलाई, बुनाई, और हस्तशिल्प। यह रोजगार सृजन का एक प्रभावी माध्यम बन गया है, जो ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रहा है।

कलेक्टर सूरजपुर श्रीमती रेना जमील ने जनपद पंचायत रामानुजनगर के अंतर्गत ग्राम पंचायत कृष्णपुर पहुंचकर पूजा महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य श्रीमती बसंती राजवाड़े द्वारा संचालित आजीविका गतिविधियों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने ऑयल मिल, आटा चक्की एवं धान मिल के संचालन की पूरी जानकारी ली और श्रीमती बसंती राजवाड़े से चर्चा कर स्वरोजगार से हो रही आय व व्यवसाय की प्रगति के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

ऑयल मिल में उत्पादित सरसों तेल की आपूर्ति अब सूरजपुर एवं अंबिकापुर तक 

श्रीमती बसंती राजवाड़े ने बताया कि इन आजीविका गतिविधियों से उन्हें प्रतिमाह लगभग 32 हजार रुपये की आमदनी होती है, जिसमें से करीब 10 हजार रुपये मशीनों के संचालन एवं रखरखाव पर खर्च होते हैं। उनके ऑयल मिल में उत्पादित सरसों तेल की आपूर्ति अब सूरजपुर एवं अंबिकापुर तक की जा रही है, जिससे उनके व्यवसाय को स्थानीय स्तर के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी बड़ी पहचान मिल रही है। कलेक्टर ने बसंती राजवाड़े के स्वरोजगार प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें व्यवसाय के विस्तार एवं अन्य आजीविका गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कार्यस्थल पर स्वच्छता बनाए रखने और मशीनों के समुचित रखरखाव पर विशेष ध्यान देने की बात कही।

महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने में स्व-सहायता समूह की अहम भूमिका 

कलेक्टर ने इस दौरान कहा कि महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से संचालित आजीविका गतिविधियां ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। इस अवसर पर जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में महिला सशक्तिकरण और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

R . 1

Advertisement Carousel

Your Opinion

Will Donald Trump's re-election as US President be beneficial for India?
error: Content is protected !!