September 28, 2026 11:25 pm

BREAKING NEWS

लहसुन की यह किस्म बना सकती है खेती को फायदे का सौदा, 135 दिन में फसल तैयार और 40 क्विंटल/एकड़ तक बंपर उपज; जानिए पूरी खासियत ड्रोन कैमरों ने खोला अवैध गांजे की खेती का राज, पुलिस ने नो-नेटवर्क एरिया से जब्त किए 60 क्विंटल गांजे के 15 हजार पौधे उड़नखेड़ी में सेवा यात्रियों का सम्मान, वृक्षारोपण और स्व-सहायता समूह की महिलाओं से किया संवाद विश्व रेबीज दिवस पर रेबीज की रोकथाम और बचाव के प्रति आमजन को किया जागरूक Sukanya Samriddhi Yojana 2026: 8.2% ब्याज दर के साथ बेटियों का भविष्य करें सुरक्षित, जानिए पात्रता, नियम और जरूरी दस्तावेज राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-2023 के अनुरूप शिक्षण के लिए राज्य स्तरीय एसआरजी उन्मुखीकरण शुरू

हरियाणा के अंबाला में बड़ा हादसा: अचानक भरभराकर गिरी तीन मंजिला पुरानी इमारत

देश के अलग-अलग हिस्सों से लगातार सामने आने वाली पुरानी इमारतों के जर्जर होने और हादसों की खबरें एक बार फिर से इस बात की चेतावनी दे रही हैं कि शहरी इलाकों में निर्माण सुरक्षा नियमों का पालन कितना जरूरी है। हरियाणा (Haryana) के अंबाला (Ambala) जिले से इस समय एक बेहद दिल दहला देने वाली, दुखद और झकझोर देने वाली बड़ी खबर सामने आ रही है, जिसने पूरे इलाके में मातम का माहौल पैदा कर दिया है। अंबाला के एक घनी आबादी वाले व्यस्त बाजार और रिहायशी इलाके में अचानक एक तीन मंजिला पुरानी और जर्जर इमारत भरभराकर ताश के पत्तों की तरह नीचे ढह गई। इस भयानक हादसे के वक्त उस इमारत के अंदर और आसपास कई लोग मौजूद थे, जो देखते ही देखते मलबे के नीचे दब गए। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार मलबे से 3 लोगों के शव बाहर निकाले जा चुके हैं, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आइए इस विस्तृत और विशेष रिपोर्ट में जानते हैं कि अंबाला में घटी इस भीषण दुर्घटना के पीछे की असल वजह क्या है और फिलहाल वहां जमीनी स्तर पर हालात कैसे बने हुए हैं।

हरियाणा के अंबाला शहर में स्थित उस व्यस्त और पुराने बाजार इलाके में रोज की तरह लोगों की सामान्य आवाजाही चल रही थी और बाजार में खरीदारों की भीड़ भी जुटी हुई थी। अचानक दोपहर या शाम के वक्त बिना किसी पूर्व चेतावनी के वहां स्थित एक पुरानी तीन मंजिला इमारत में जोरदार धमाके जैसी आवाज गूंजी और पूरी इमारत कुछ ही सेकंड के भीतर मलबे के ढेर में तब्दील हो गई। इमारत के गिरने से आसपास के इलाके में भारी धूल का गुबार छा गया और चीख-पुकार मच गई, जिसे सुनकर आसपास के दुकानदार और स्थानीय लोग तुरंत अपनी दुकानें छोड़कर मदद के लिए दौड़े। प्रत्यक्षदर्शियों का यह कहना था कि यह हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को भी संभलने या बाहर भागने का मौका तक नहीं मिल पाया, और इमारत के अंदर रहने वाले परिवार तथा नीचे से गुजर रहे कुछ राहगीर सीधे मलबे की चपेट में आ गए।

घटना की सूचना मिलते ही अंबाला जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस के आला अधिकारी और दमकल विभाग की गाड़ियां सायरन बजाते हुए तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गईं। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए तुरंत राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और स्थानीय बचावकर्मियों को बुलवाया गया, जिन्होंने भारी-भरकम कंक्रीट के मलबे को हटाने के लिए आधुनिक कटर और जेसीबी मशीनों का इस्तेमाल शुरू कर दिया। मलबे के नीचे दबे लोगों की सांसें बचाने के लिए रेस्क्यू टीमें लगातार बिना रुके काम कर रही हैं, और मलबे से एक-एक करके घायलों को निकालकर एम्बुलेंस के जरिए तुरंत जिला सिविल अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन का यह मुख्य लक्ष्य है कि मलबे के नीचे यदि अभी भी कोई जीवित व्यक्ति फंसा हुआ है, तो उसे सुरक्षित बाहर निकाला जा सके, जिसके लिए खोजी कुत्तों (Sniffer Dogs) और थर्मल स्कैनिंग उपकरणों की मदद भी ली जा रही है।

इस भीषण हादसे के बाद से स्थानीय नागरिकों और जिला प्रशासन के बीच इस बात को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई है कि आखिर इतनी खस्ताहाल और जर्जर इमारत में लोगों को रहने की अनुमति किसने दे रखी थी। प्रारंभिक जांच और स्थानीय लोगों के बयानों से यह बात सामने आ रही है कि यह तीन मंजिला इमारत काफी पुरानी थी और हाल ही में हुई बारिश या आसपास हुए अन्य निर्माण कार्यों के कारण इसकी नींव कमजोर हो चुकी थी। नगर निगम (Municipal Corporation) के अधिकारियों का यह कहना है कि वे इस बात की तकनीकी जांच करवा रहे हैं कि क्या इस इमारत को गिराने के लिए पहले कोई नोटिस जारी किया गया था या इसके निर्माण में किसी प्रकार के नियमों की अनदेखी की गई थी। लापरवाही के इस मामले में प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि जांच में कोई भी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

इस दर्दनाक हादसे में अपनी जान गंवाने वाले तीनों मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, और उनके परिजनों को इस अप्रत्याशित क्षति की सूचना मिलते ही उनके घरों में कोहराम मच गया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन को यह निर्देश दिए हैं कि सभी घायलों का मुफ्त और सर्वोत्तम इलाज सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही, सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक मुआवजे (Financial Compensation) की घोषणा भी जल्द ही किए जाने की बात कही गई है। इस प्रकार के हादसे हमें यह सोचने पर मजबूर करते हैं कि हमारे शहरों में स्थित पुरानी और जर्जर इमारतों का समय रहते सर्वे करके उन्हें गिराना या उनकी मरम्मत कराना कितना जरूरी है, ताकि किसी भी मासूम की जिंदगी इस तरह अकाल मौत का शिकार न बने।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

R . 1

Advertisement Carousel

Your Opinion

Will Donald Trump's re-election as US President be beneficial for India?
error: Content is protected !!