October 26, 2026 12:04 pm

₹306 का LED बल्ब ₹11,800 में खरीदा! मध्य प्रदेश की नगर निकायों में खरीद का बड़ा खेल उजागर, ₹250 करोड़ की बचत का दावा

 

एलईडी बल्ब ₹306 का या ₹11,800 का? मध्य प्रदेश की नगर निकायों में खरीद का बड़ा खेल उजागर, 250 करोड़ की बचत हो सकती थी

भोपाल। मध्य प्रदेश की नगर निकायों में एलईडी बल्ब और कीटाणुनाशक दवाओं की खरीद में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। शहरी प्रशासन विभाग की एक प्रस्तुति में खरीद की दरों में भारी अंतर उजागर हुआ है। जानकारी के मुताबिक, एक जगह 60 वॉट का एलईडी बल्ब 306 रुपये में खरीदा गया, जबकि भोपाल में इसी प्रकार के बल्ब की कीमत करीब 11,800 रुपये दर्ज की गई। इसी तरह फिनाइल की कीमत कहीं 5 रुपये प्रति लीटर तो कहीं 33,500 रुपये तक बताई गई। भोपाल के भौरी स्थित सुंदरलाल पटवा नगरीय विकास प्रशिक्षण संस्थान में दी गई प्रस्तुति के दौरान MPSEDC के अतिरिक्त प्रबंध निदेशक अंशुमान राज ने सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल के माध्यम से हुई खरीद का ब्योरा साझा किया। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में 374 नगर निकायों ने GeM पोर्टल के जरिए करीब 1,134 करोड़ रुपये की खरीदारी की। यदि ये सामान औसत बाजार दरों पर खरीदे जाते, तो सरकारी खजाने के लगभग 250 करोड़ रुपये बचाए जा सकते थे।

फिनाइल और कचरा वाहनों की खरीद पर भी सवाल

प्रस्तुति में बताया गया कि सरदारपुर नगर निकाय ने 2,500 लीटर की एक यूनिट के लिए 1.35 लाख रुपये खर्च किए। पिछले तीन वर्षों में नगर निकायों ने कीटाणुनाशक पदार्थों की खरीद पर करीब 18 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। वहीं, शहरी प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने कचरा वाहनों की खरीद में भी कीमतों के अंतर पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि एक नगर निकाय ने करीब 2 लाख रुपये में कचरा वाहन खरीदा, जबकि दूसरे निकाय ने चार डस्टबिन के साथ ऐसा ही वाहन 6 लाख रुपये में खरीदा। उन्होंने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि कुछ नगर निकायों ने 1.5 करोड़ रुपये तक के कचरा वाहन खरीदे, जबकि उनके पास इतने वाहनों के संचालन के लिए पर्याप्त वार्ड भी नहीं हैं।

अनियमितता मिली तो होगी कार्रवाई

संजय दुबे ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि भविष्य में खरीद प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनियमितता मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विभाग के पास प्रत्येक नगर निकाय की खरीद, उसकी मात्रा और दरों का पूरा रिकॉर्ड मौजूद है। अधिकारियों को यह नहीं मानना चाहिए कि खरीद में गड़बड़ी होने पर किसी को इसकी जानकारी नहीं होगी।

कांग्रेस ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इन खरीदों में कथित तौर पर अत्यधिक कीमत चुकाए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य में 5 से 30 रुपये तक की कीमत वाले बल्ब 33 हजार रुपये में खरीदे गए। पटवारी ने दावा किया कि इससे भ्रष्टाचार के स्तर का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश कांग्रेस इस मामले से जुड़े वीडियो जारी कर रही है और अगले दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। पटवारी ने हेलीकॉप्टर और विमानों की खरीद पर भी सवाल उठाए।

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