BREAKING NEWS

अक्टूबर में महंगाई का चौतरफा झटका: कमर्शियल LPG सिलेंडर से लेकर AC-टीवी और पासपोर्ट तक हुआ महंगा, जानें आपकी जेब पर कितना असर


त्योहारी सीजन के शुरू होते ही आम उपभोक्ताओं और व्यापारियों की जेब पर महंगाई का तगड़ा असर पड़ा है। 1 अक्टूबर से देश में कई बड़े वित्तीय और कमर्शियल बदलाव लागू हुए हैं, जिसके तहत रसोई गैस से लेकर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और प्रशासनिक सेवाओं की लागत में इजाफा दर्ज किया गया है। जहां एक तरफ तेल विपणन कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए हैं, वहीं कच्चे माल और लॉजिस्टिक्स की बढ़ती लागत के चलते होम एप्लायंसेज ब्रांड्स ने भी टीवी, फ्रिज और एसी की कीमतों में बढ़ोतरी के संकेत दे दिए हैं। इसके अलावा, पासपोर्ट बनवाने से जुड़े संशोधित नियम और शुल्क भी प्रभाव में आ चुके हैं। आइए विस्तार से समझते हैं कि अक्टूबर में क्या-क्या महंगा हो चुका है।

1. कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर हुआ महंगा, बाहर खाना-पीना हो सकता है जेब पर भारी

ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने महीने की पहली तारीख को 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की है।

शहरों के नए रेट्स: देश की राजधानी दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर ₹62.50 महंगा होकर अब ₹2,810 पर पहुंच गया है। वहीं पटना में इसमें ₹71.50 की बढ़ोतरी हुई है और यह ₹3,100 के पार निकल चुका है। मुंबई में नया भाव ₹2,764.50 और चेन्नई में ₹2,983 प्रति सिलेंडर दर्ज किया गया है।

घरेलू सिलेंडर को राहत: राहत की बात यह है कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि, कमर्शियल गैस महंगी होने से रेस्टोरेंट, होटल, कैफे और स्ट्रीट फूड वेंडर्स की लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा असर त्योहारी सीजन में बाहर खाने-पीने के बिल पर पड़ सकता है।

2. एसी, टीवी और फ्रिज के दाम में उछाल: फेस्टिव खरीदारी से पहले झटका

त्योहारों में होम अप्लायंसेज और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए यह खबर चिंता बढ़ा सकती है। उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माता कंपनियों (CEAMA) के अनुसार, आवश्यक कच्चे माल की वैश्विक कीमतों में उछाल के चलते कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की कीमतें बढ़ाई जा रही हैं:

लागत में वृद्धि की वजह: तांबा (Copper), स्टील, एल्यूमीनियम और क्रूड ऑयल डेरिवेटिव्स के अंतरराष्ट्रीय दामों में तेज बढ़त दर्ज की गई है। इसके साथ ही समुद्री माल ढुलाई (Ocean Freight) शुल्क बढ़ने से कंपनियों की उत्पादन लागत में 6% से 8% का इजाफा हुआ है।

उत्पादों पर असर: इसका सीधा प्रभाव स्प्लिट और विंडो एसी, स्मार्ट एलईडी टीवी, बड़े रेफ्रिजरेटर और वॉशिंग मशीन की रिटेल कीमतों पर देखने को मिल रहा है, जहां कंपनियों ने मॉडल के आधार पर ₹1,000 से लेकर ₹3,500 तक की बढ़ोतरी लागू करना शुरू कर दिया है।

3. पासपोर्ट बनवाना हुआ महंगा, बच्चों के नियमों और फीस में संशोधन

विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा अधिसूचित पासपोर्ट संशोधन नियमों के तहत पासपोर्ट बनवाने और रिन्यू कराने की प्रक्रिया की संशोधित दरें पूरी तरह से लागू हो चुकी हैं। अब नया पासपोर्ट बनवाना पहले के मुकाबले काफी महंगा हो गया है:

वयस्कों के लिए शुल्क: सामान्य श्रेणी में 36 पेज के नए पासपोर्ट की फीस को ₹1,500 से बढ़ाकर ₹2,500 कर दिया गया है। वहीं, 60 पेज की जंबो बुकलेट के लिए अब ₹2,000 की जगह ₹3,500 चुकाने होंगे।

तत्काल पासपोर्ट सेवाएं: तत्काल कोटे में 36 पेज के पासपोर्ट की फीस ₹3,500 से बढ़कर ₹5,000 और 60 पेज के लिए ₹6,000 कर दी गई है।

बच्चों (नाबालिगों) का पासपोर्ट: 15 साल से कम उम्र के बच्चों के 36 पेज के पासपोर्ट की फीस ₹1,000 से बढ़कर ₹1,750 हो गई है। साथ ही, बच्चों के पासपोर्ट की अधिकतम वैधता अब केवल 5 साल या उनके 18 वर्ष का होने तक (जो भी पहले हो) ही सीमित कर दी गई है।

4. बैंकिंग और यूपीआई से जुड़े शुल्कों का दबाव

इलेक्ट्रॉनिक्स और गैस के साथ-साथ आम बैंकिंग उपभोक्ताओं की जेब पर भी कुछ अतिरिक्त भार पड़ा है:

SBI फ्री एटीएम निकासी सीमा: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने सैलरी पैकेज खाताधारकों के लिए दूसरे बैंकों के एटीएम से मुफ्त लेन-देन की मासिक सीमा को 10 से घटाकर 5 कर दिया है। लिमिट खत्म होने के बाद नकद निकासी पर अतिरिक्त शुल्क और जीएसटी का भुगतान करना होगा।

एनपीएस ऑनबोर्डिंग चार्ज: नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में नए रजिस्ट्रेशन के समय प्वाइंट ऑफ प्रेजेंस (POP) के जरिए अब प्रति प्रान (PRAN) ₹200 का एकमुश्त ऑनबोर्डिंग शुल्क निर्धारित किया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

R . 1

Advertisement Carousel

Your Opinion

Will Donald Trump's re-election as US President be beneficial for India?
error: Content is protected !!