September 15, 2026 6:27 pm

अमेरिकी स्कूलों में स्क्रीन टाइम पर कड़ा एक्शन: किंडरगार्टन में बंद हुए लैपटॉप-आईपैड, यूट्यूब पर लगा बैन

संयुक्त राज्य अमेरिका के फिलाडेल्फिया और पेंसिल्वेनिया उपनगरीय क्षेत्रों में स्कूली शिक्षा प्रणाली के भीतर आधुनिक डिजिटल गैजेट्स और अत्यधिक स्क्रीन टाइम को लेकर एक बड़ा नीतिगत बदलाव देखने को मिल रहा है। ‘द फिलाडेल्फिया इन्क्वायरर’ की विस्तृत जांच रिपोर्ट के अनुसार, कई प्रमुख पब्लिक स्कूल डिस्ट्रिक्ट्स ने कक्षाओं में छात्रों को बांटे जाने वाले व्यक्तिगत डिजिटल उपकरणों (1:1 डिवाइसेज) के अनियंत्रित वितरण पर ब्रेक लगाना शुरू कर दिया है। कोरोना काल के बाद से प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा में डिजिटल स्क्रीन पर बढ़ी निर्भरता के कारण बच्चों के संज्ञानात्मक विकास, सामाजिक मेलजोल, आंखों की सेहत और एकाग्रता पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभावों को देखते हुए शैक्षणिक प्रशासन ने कड़े नियम लागू किए हैं। कई प्रतिष्ठित स्कूल बोर्ड्स ने किंडरगार्टन और प्राथमिक स्तर के नन्हे बच्चों को टैबलेट और लैपटॉप सौंपने की पुरानी योजनाओं को या तो पूरी तरह रद्द कर दिया है या फिर स्कूल अवधि के बाद इन उपकरणों को घर ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।

#1 विभिन्न स्कूल डिस्ट्रिक्ट्स के नए नियम: किंडरगार्टन से आईपैड गायब, क्रोमबुक पर शेयर्ड मॉडल लागू

फिलाडेल्फिया क्षेत्र के विभिन्न शैक्षणिक क्षेत्रों ने इस डिजिटल डिटॉक्स नीति को चरणबद्ध तरीके से लागू किया है ताकि बच्चों का समय स्क्रीन पर नहीं बल्कि पारंपरिक किताबों और खेलकूद में बीते। कोलोनियल स्कूल डिस्ट्रिक्ट ने नया नियम लागू करते हुए एलिमेंट्री स्तर के छात्रों के रात में लैपटॉप घर ले जाने पर रोक लगा दी है, जिससे बच्चे घर पर स्क्रीन के बजाय पारिवारिक संवाद और रचनात्मक गतिविधियों पर ध्यान दे सकें। वहीं ट्रेडीफ्रिन/ईस्टटाउन स्कूल डिस्ट्रिक्ट ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए किंडरगार्टन में दाखिला लेने वाले छोटे बच्चों को व्यक्तिगत आईपैड जारी करने पर पूर्ण रोक लगा दी है और एलिमेंट्री कक्षाओं के छात्रों के लिए भी छुट्टी के बाद गैजेट घर ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। मेथाक्टन स्कूल डिस्ट्रिक्ट ने किंडरगार्टन और पहली कक्षा के छात्रों के लिए ‘वन-टू-वन डिवाइस’ व्यवस्था को समाप्त कर ‘शेयर्ड डिवाइस मॉडल’ लागू किया है, जहां क्रोमबुक केवल विशिष्ट समूह गतिविधियों के लिए कक्षा में ही उपलब्ध रहेंगे। इसी क्रम में फीनिक्सविले एरिया स्कूल डिस्ट्रिक्ट ने किंडरगार्टन से लेकर तीसरी कक्षा तक के बच्चों के लिए व्यक्तिगत स्क्रीन बांटने का कार्यक्रम आधिकारिक रूप से खत्म कर दिया है, जबकि वॉलिंगफोर्ड-स्वार्थमोर डिस्ट्रिक्ट में किंडरगार्टन से दूसरी कक्षा के लिए ऑनलाइन असेसमेंट सीमित कर दिए गए हैं और पांचवीं कक्षा तक के सभी विद्यार्थियों के लिए स्कूल नेटवर्क पर यूट्यूब ब्राउजिंग और सर्चिंग को पूर्ण रूप से ब्लॉक कर दिया गया है।

#1 कक्षाओं में तकनीकी भटकाव पर अभिभावकों की दोहरी राय: राहत के साथ बड़ी कक्षाओं को लेकर चिंता

स्कूल प्रशासनों द्वारा उठाए गए इन ऐतिहासिक कदमों का उन जागरूक अभिभावकों और बाल मनोवैज्ञानिकों ने खुलकर स्वागत किया है जो लंबे समय से क्लासरूम में अत्यधिक तकनीकी दखल का विरोध कर रहे थे। अभिभावकों का मानना है कि छोटे बच्चों के हाथों से स्क्रीन छिनने से शिक्षक एक बार फिर पारंपरिक ब्लैकबोर्ड, किताबों और प्रत्यक्ष संवाद के जरिए प्रभावी ढंग से पढ़ा सकेंगे, जिससे बच्चों का ध्यान भटकने की समस्या काफी हद तक नियंत्रित होगी। हालांकि, अभिभावकों का एक दूसरा वर्ग इस बात को लेकर चिंतित है कि प्राथमिक कक्षाओं में लगाए गए ये प्रतिबंध शायद सीमित प्रभाव ही छोड़ पाएंगे, क्योंकि मिडिल और हाई स्कूल की कक्षाओं में पहुंचते ही पाठ्यक्रम का बड़ा हिस्सा पूरी तरह डिजिटल असाइनमेंट्स पर निर्भर हो जाता है। यही कारण है कि ‘स्क्रीन टाइम घटाओ’ अभियान से जुड़े पैरेंट्स अब स्कूल प्रबंधन से यह मांग कर रहे हैं कि वे केवल छोटी कक्षाओं तक सीमित न रहें, बल्कि छठी से बारहवीं कक्षा तक के तकनीकी पाठ्यक्रम की भी समीक्षा करें ताकि किशोर छात्र साइबर लत और मानसिक तनाव से बच सकें।

#1 नागरिक संगठनों की मुहिम और नई सलाहकार समितियों की भूमिका: पीए अनप्लग्ड का प्रभाव

शैक्षणिक संस्थानों में डिजिटल उपकरणों के अत्यधिक उपयोग को नियंत्रित करने के लिए पेंसिल्वेनिया में एक बड़ा नागरिक आंदोलन खड़ा हो चुका है, जिसका नेतृत्व ‘पीए अनप्लग्ड’ (PA Unplugged) नामक गैर-लाभकारी संगठन कर रहा है। लगभग 5,000 सक्रिय अभिभावकों और शिक्षकों के समर्थन वाले इस संगठन से जुड़े वॉलिंगफोर्ड-स्वार्थमोर के अभिभावक एलेक्स बर्ड बेकर का कहना है कि प्राथमिक स्कूलों में कंप्यूटर का उपयोग घटाना नीतिगत स्तर पर अपेक्षाकृत सरल कदम था, लेकिन असली चुनौती मिडिल और हाई स्कूल स्तर पर सामने आएगी, जहां शिक्षा का बुनियादी ढांचा ही सॉफ्टवेयर और डिजिटल पोर्टल पर केंद्रित हो चुका है। लगभग 3,700 विद्यार्थियों वाले वॉलिंगफोर्ड-स्वार्थमोर स्कूल डिस्ट्रिक्ट ने भविष्य की तकनीकी नीतियों को दिशा देने के लिए एक विशेष ‘प्रौद्योगिकी सलाहकार परिषद’ का गठन किया है और इसमें शामिल होने के लिए अभिभावकों से आवेदन मांगे हैं। यह परिषद मिडिल और हाई स्कूल (कक्षा 6 से 12) में स्क्रीन उपयोग की व्यावहारिक सीमाओं की समीक्षा करेगी, जबकि लोअर मेरियन स्कूल डिस्ट्रिक्ट में भी अभिभावकों का समूह ऐसी स्वतंत्र तकनीकी निगरानी समितियों के गठन पर जोर दे रहा है ताकि बच्चों के समग्र मानसिक और शारीरिक विकास के बीच एक संतुलित शैक्षणिक वातावरण बहाल किया जा सके।

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