June 11, 2026 12:02 pm

अवैध रेत उत्खनन पर राज्यपाल रमेन डेका सख्त बोलेः नदियों के अस्तित्व से खिलवाड़ मंजूर नहीं

रायपुर 03 जून 2026

छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने प्रदेश की नदियों और बड़े नालों में हो रहे अवैध व बेतरतीब रेत उत्खनन पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने पर्यावरण और जल संसाधनों की सुरक्षा के लिए इस पर तत्काल व प्रभावी रोक लगाने के कड़े निर्देश दिए हैं। राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि रेत राज्य के विकास और बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) के निर्माण के लिए एक अनिवार्य खनिज है, परंतु इसके अनियंत्रित और अंधाधुंध दोहन से पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुँच रही है।
लोक भवन में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में राज्यपाल ने खनिज विभाग के सचिव श्री पी. दयानंद से इस संवेदनशील विषय पर विस्तृत चर्चा की और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि राज्य में रेत खनन पूरी तरह से वैज्ञानिक, सुनियोजित और व्यवस्थित तरीके से किया जाना चाहिए, ताकि विकास की रफ्तार और पर्यावरण संरक्षण के बीच एक आदर्श संतुलन बना रहे।
’अनियंत्रित खनन से पर्यावरण और भू-जल स्तर को खतरा’
राज्यपाल ने अवैध उत्खनन से होने वाले दुष्प्रभावों को रेखांकित करते हुए कहा कि अंधाधुंध खुदाई के कारण नदियों का प्राकृतिक स्वरूप पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। नदी के तल में अत्यधिक गहराई तक खुदाई होने से उनकी जलधारण क्षमता घट रही है, जिसका सीधा प्रतिकूल असर भू-जल स्तर पर पड़ रहा है। नदी तटों के तीव्र कटाव की समस्या बढ़ रही है। इसके साथ ही कई ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक जलस्रोत सूख रहे हैं और जलीय जैव विविधता के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नदियों व बड़े नालों की जल क्षमता को बनाए रखने तथा भू-जल स्तर में सुधार के लिए अब दीर्घकालिक और प्रभावी कदम उठाना अनिवार्य हो गया है।
’आई आई टी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से कराया जाएगा वैज्ञानिक सर्वे’
भविष्य की कार्ययोजना पर बात करते हुए राज्यपाल श्री डेका ने निर्देश दिए कि रेत खनन से प्रभावित क्षेत्रों का गहन वैज्ञानिक अध्ययन कराया जाए। इसके लिए आवश्यकतानुसार विशेषज्ञ संस्थाओं की मदद ली जानी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि खनन के सटीक आकलन, तकनीकी अध्ययन और सर्वे के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आई आई टी) जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थानों का सहयोग लिया जा सकता है।
’पारदर्शी व्यवस्था और कड़ी निगरानी के निर्देश’
राज्यपाल ने कहा कि निर्माण कार्यों के लिए रेत बेहद जरूरी है, लेकिन इसका दोहन निर्धारित नियमों और वैज्ञानिक मानकों के दायरे में ही होना चाहिए। उन्होंने खनिज विभाग को निर्देशित किया कि अवैध उत्खनन और परिवहन पर चौबीसों घंटे कड़ी निगरानी रखी जाए। प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए संपूर्ण खनन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

R No. 13843/ 75

Advertisement Carousel

Your Opinion

Will Donald Trump's re-election as US President be beneficial for India?
error: Content is protected !!