खरीफ सीजन के लिए उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण, किसानों को समय पर मिल रही खाद

रायपुर, 10 जून 2026

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप महासमुंद जिले में खरीफ सीजन 2026 के लिए किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने की दिशा में कृषि विभाग द्वारा व्यापक तैयारियां की गई हैं। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर जिले में उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया गया है, ताकि किसानों को खेती-किसानी के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।

लक्ष्य का 51 प्रतिशत उर्वरक पहले ही भंडारित

उप संचालक कृषि श्री एफ.आर. कश्यप ने बताया कि जिले को सहकारी एवं निजी क्षेत्र के माध्यम से 60,850 मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसके विरुद्ध अब तक 30,683 मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण किया जा चुका है, जो लक्ष्य का लगभग 51 प्रतिशत है। इनमें से 7,110 मीट्रिक टन उर्वरक किसानों को वितरित किए जा चुके हैं, जबकि 23,573 मीट्रिक टन उर्वरक वर्तमान में उपलब्ध हैं। इसके अलावा जिला विपणन केंद्र महासमुंद में 9,740 मीट्रिक टन उर्वरक का अतिरिक्त भंडारण किया गया है। इससे आगामी खरीफ सीजन के लिए जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हो गई है।

संतुलित पोषण प्रबंधन को दिया जा रहा बढ़ावा

कृषि विभाग किसानों को वैज्ञानिकों द्वारा अनुशंसित एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन प्रणाली अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है। इसके तहत रासायनिक उर्वरकों के साथ जैव उर्वरक, जैविक खाद, हरी खाद तथा अन्य वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।  मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और खेती की लागत कम करने के उद्देश्य से सहकारी समितियों में गत वर्ष की खपत के आधार पर 80 प्रतिशत यूरिया और 60 प्रतिशत डीएपी का भंडारण किया गया है। शेष आवश्यकता की पूर्ति नैनो उर्वरकों एवं अन्य वैकल्पिक एनपीके उर्वरकों से की जाएगी।

भूमि रकबे के अनुसार होगी उर्वरक वितरण व्यवस्था

किसानों को उर्वरक की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भूमि रकबे के आधार पर वितरण व्यवस्था निर्धारित की गई है। 2.5 एकड़ तक भूमि वाले किसानों को एकमुश्त उर्वरक वितरण किया जाएगा। 2.5 से 5 एकड़ तक भूमि वाले किसानों को दो किस्तों में उर्वरक मिलेगा। 5 एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को 20-20 दिनों के अंतराल पर तीन किस्तों में उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा।

नैनो उर्वरकों का भी पर्याप्त भंडारण

जिले में आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए नैनो उर्वरकों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है। वर्तमान में 8,000 लीटर नैनो यूरिया और 5,000 लीटर नैनो डीएपी सहित कुल 13,000 लीटर नैनो उर्वरकों का भंडारण किया गया है। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि नैनो यूरिया और नैनो डीएपी पूरी तरह वैकल्पिक हैं। किसानों को इन्हें लेने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा तथा उनकी आवश्यकता और वैज्ञानिक अनुशंसाओं के अनुसार ही उर्वरकों का वितरण किया जाएगा।

जैविक और प्राकृतिक खेती को मिल रहा प्रोत्साहन

जिले में जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को हरी खाद और जैव उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इच्छुक किसानों को प्रति एकड़ 8 किलोग्राम ढैंचा बीज तथा 4 किलोग्राम मूंग बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही शासकीय कृषि प्रक्षेत्र बरतुंगा के माध्यम से चयनित किसानों के खेतों में हरित शैवाल (ब्लू-ग्रीन एल्गी) उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह जैव उर्वरक वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण कर फसलों को प्राकृतिक पोषण प्रदान करता है और मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने में सहायक है।

अनियमितता पर होगी सख्त कार्रवाई

कृषि विभाग ने चेतावनी दी है कि उर्वरकों के भंडारण, वितरण या विक्रय में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेता के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कड़ी प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं और सहकारी समितियों से ही उर्वरक खरीदें तथा किसी भी प्रकार की शिकायत होने पर तत्काल कृषि विभाग को सूचित करें।

किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने प्रशासन प्रतिबद्ध

कृषि विभाग की सुनियोजित तैयारी और पर्याप्त भंडारण व्यवस्था से महासमुंद जिले के किसानों को खरीफ सीजन में समय पर उर्वरक उपलब्ध हो सकेगा। इससे खेती की तैयारियां सुचारु रूप से पूरी होंगी और कृषि उत्पादन बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

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