
मध्य प्रदेश सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों के लिए बढ़े हुए महंगाई भत्ते का आदेश जारी कर दिया है। इसके तहत अब अधिकारियों को 58 फीसदी की जगह 60 फीसदी महंगाई भत्ता मिलेगा. सरकार ने इस बढ़े हुए महंगाई भत्ते को 1 जनवरी 2026 से लागू करने का फैसला किया है.
सामान्य प्रशासन विभाग के मुताबिक, अधिकारियों को बढ़े हुए डीए का लाभ जनवरी 2026 से मिलेगा. इसका भुगतान नकद में किया जाएगा. यह निर्णय केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा 22 अप्रैल 2026 को जारी अधिसूचना के आधार पर लिया गया है.
न्यायिक अधिकारियों को भी बढ़ा हुआ डीए मिलेगा
राज्य सरकार ने सिर्फ आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों के लिए ही नहीं बल्कि न्यायिक सेवा के अधिकारियों के लिए भी महंगाई भत्ता बढ़ाने का आदेश जारी किया है. विधि विभाग ने न्यायिक अधिकारियों को 2 फीसदी बढ़ा हुआ डीए देने की मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही न्यायिक सेवा से जुड़े अधिकारियों को भी अब 60 फीसदी महंगाई भत्ता मिलेगा.

सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किया आदेश.

विशेष वेतन या भत्ते शामिल नहीं होंगे
आदेश के मुताबिक, संशोधित वेतन संरचना में “मूल वेतन” का मतलब सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत तय वेतन मैट्रिक्स में मूल वेतन होगा। इसमें विशेष वेतन या अन्य प्रकार के भत्ते शामिल नहीं होंगे.
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि मूल नियम-9(21) के तहत महंगाई भत्ते का कोई भी हिस्सा वेतन नहीं माना जाएगा. राजस्व मंडल के अध्यक्ष को छोड़कर सभी संभागायुक्तों, कलेक्टरों और सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश जारी किए गए हैं।
इस बीच, विधि एवं विधायी कार्य विभाग ने भी न्यायिक सेवा के अधिकारियों को दो प्रतिशत बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता देने के अलग-अलग आदेश जारी किये हैं. इन अधिकारियों को अगले महीने से बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता दिया जाएगा.

कर्मचारियों को अब सीएम की घोषणा का इंतजार है
हालांकि राज्य के नियमित कर्मचारियों के लिए बढ़े हुए महंगाई भत्ते का आदेश अभी जारी नहीं हुआ है. प्रदेश के लाखों कर्मचारी अब मुख्यमंत्री की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं. माना जा रहा है कि सरकार जल्द ही कर्मचारियों के लिए डीए में भी 2 फीसदी बढ़ोतरी का ऐलान कर सकती है.
महंगाई भत्ता क्या है?
बढ़ती महंगाई से राहत देने के लिए सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई भत्ता यानी डीए दिया जाता है। यह मूल वेतन का एक निश्चित प्रतिशत है। केंद्र सरकार समय-समय पर डीए में बढ़ोतरी करती है, जिसके बाद राज्य सरकारें भी अपने कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए इसी तरह के आदेश जारी करती हैं।









