
फिल्म 'मैं वापस आउंगा' लगातार सिनेमाघरों में अच्छा प्रदर्शन कर रही है। हाल ही में फिल्म के मुख्य कलाकार शारवरी और वेदांग रैना दर्शकों के साथ एक विशेष स्क्रीनिंग में भाग लेने के लिए थिएटर पहुंचे। फिल्म को मिल रहे अच्छे रिस्पॉन्स को देखते हुए शरवरी ने अपने प्रशंसकों को धन्यवाद देने के लिए सोशल मीडिया पर एक इमोशनल नोट शेयर किया है।
यह फिल्म भारत-पाकिस्तान विभाजन युग की पृष्ठभूमि पर आधारित एक इमोशनल ड्रामा है, जिसमें नसीरुद्दीन शाह और दिलजीत दोसांझ अहम भूमिकाओं में हैं।
थिएटर में अभिनेताओं की तस्वीरें देखें।



शरवरी ने एक इमोशनल नोट लिखा शरवरी ने अपने थिएटर विजिट की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए दर्शकों का आभार व्यक्त किया. उन्होंने लिखा कि कुछ कहानियाँ क्रेडिट रोल के बाद ख़त्म नहीं होतीं। वे हर भावना, हर बातचीत और सोशल मीडिया रील्स में जीवित रहते हैं।
शरवरी ने आगे लिखा कि दर्शकों ने जिया और कीनू (फिल्म के किरदार) को अपने दिल में जगह दी और इस फिल्म को पूरी तरह से अपना लिया। उन्होंने एक सोशल मीडिया ट्रेंड रीक्रिएट कर फैन्स का शुक्रिया अदा किया।

फिल्म को पाकिस्तान से सराहना मिली है इससे पहले 'मैं वापस आउंगा' को भी पाकिस्तान से सराहना मिली थी. पाकिस्तानी फिल्म निर्माता उमर नासिर अली ने फिल्म की जमकर तारीफ की और इसे बेहद खूबसूरत और गहरी भावनात्मक फिल्म बताया.
उमर नासिर के मुताबिक ये फिल्म उनके दिल के बेहद करीब है क्योंकि वो खुद भी इसी विषय पर फिल्म बना रहे हैं. इस बीच फिल्म को मिल रहे अच्छे रिस्पॉन्स का असर इसके बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर भी दिख रहा है और सोमवार को वर्किंग डे होने के बावजूद फिल्म की कमाई में बढ़ोतरी हुई है.

आम दर्शकों के अलावा फिल्म इंडस्ट्री के लोग भी सिनेमाघरों में इस पीरियड ड्रामा की तारीफ कर रहे हैं. फिल्म निर्माता जोया अख्तर, अनुराग कश्यप और अनुभव सिन्हा ने भी फिल्म की सराहना की है। जोया अख्तर ने सोशल मीडिया पर पूरी टीम को बधाई दी. अनुभव सिन्हा ने लिखा कि इम्तियाज की फिल्म का हर फ्रेम कला में उनके विश्वास को दर्शाता है।

तीन पीढ़ियों के अधूरे सफर की कहानी फिल्म की कहानी तीन पीढ़ियों की भावनात्मक यात्रा को दर्शाती है, जिसमें एक प्रेम कहानी के साथ विभाजन के घावों को भी प्रस्तुत किया गया है। कहानी एक सिख परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है जो पाकिस्तान के सरगोधा से भारत आया था। विभाजन के दौरान, युवा कीनू (वेदांग रैना) अपनी प्रेमिका अफसाना (शरवरी) से अलग हो जाता है।
लगभग 70 साल बाद, 95 वर्षीय कीनू (नसीरुद्दीन शाह) अपने जीवन के अंतिम चरण में आखिरी बार सरगोधा लौटना चाहते हैं। इस यात्रा में उनका पोता निरवैर (दिलजीत दोसांझ) उनकी मदद करता है।









