
इंदौर के पंढरीनाथ थाना क्षेत्र में स्क्रैप कारोबारी से 30 लाख की लूट के मामले में पुलिस शुक्रवार को भी जांच में जुटी रही.
25 से अधिक पुलिस कर्मियों की टीम ने शहर के कई बाजारों और सड़कों से सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच में पता चला है कि घटना से पहले अपराधी करीब एक घंटे तक व्यवसायी की टोह ले रहे थे.
पुलिस के मुताबिक नकली पुलिसकर्मी बनकर अपराधियों ने निहालपुरा निवासी स्क्रैप कारोबारी मनय उर्फ मुकेश अग्रवाल के साथ लूट की वारदात को अंजाम दिया. आरोपी उसे अपने साथ ले गए और रास्ते में रुपयों से भरा बैग लेकर फरार हो गए।
अपराधी वाहन स्टैंड से ही पीछे लग गये
जांच में पता चला है कि अपराधियों ने वाहन स्टैंड इलाके से ही व्यवसायी का पीछा करना शुरू कर दिया था. यहीं पर व्यवसायी को सबसे पहले भुगतान प्राप्त हुआ।
इसके बाद आरोपी लगातार उसका पीछा करते रहे और मौका मिलते ही वारदात को अंजाम दे दिया। पुलिस ने आरोपी को कोतवाली थाना क्षेत्र में भी देखा है.
पुलिस को पहले से ही शक था कि पूरी घटना को टोह लेकर अंजाम दिया गया है. अब जांच में यह बात लगभग साफ हो गई है कि आरोपी लगातार कारोबारी की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे.
पुलिस को साथियों पर भी शक है
इस मामले में पुलिस को कारोबारी के साथ काम करने वाले कुछ लोगों पर भी शक है. सूत्रों के मुताबिक दो संदिग्ध अपराधियों के नाम पुलिस अधिकारियों तक पहुंच गये हैं और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी हो सकती है.
देर रात तक पुलिस की एक टीम गढ़ी अड्डा और जूनी इंदौर इलाके में आरोपियों की तलाश करती रही.









