
आस्ट्रेलियाई क्रिकेट के धाकड़ ऑलराउंडर और सफेद गेंद के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में शुमार ग्लेन मैक्सवेल (Glenn Maxwell) के एक फैसले ने दुनिया भर के क्रिकेट प्रशंसकों को हैरान कर दिया है। मैदान पर अपनी अतरंगी और विस्फोटक बल्लेबाजी से असंभव को संभव बनाने वाले मैक्सवेल ने अचानक ‘आधी रात’ को एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए वनडे अंतरराष्ट्रीय (ODI) क्रिकेट से अपने संन्यास की आधिकारिक घोषणा कर दी। अपने फैसले की वजह बताते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि बढ़ती उम्र और शरीर की रिकवरी में लग रहे समय के कारण यह कदम उठाना उनके लिए जरूरी हो गया था। इसके साथ ही संन्यास का ऐलान करते वक्त वे 2023 वनडे विश्व कप के दौरान अफगानिस्तान के खिलाफ खेली गई अपनी उस अविश्वसनीय और ऐतिहासिक दोहरे शतक की पारी को याद करना नहीं भूले, जिसे आज भी क्रिकेट जगत में ‘डेडमैन’ (Deadman) की चमत्कारिक पारी के नाम से जाना जाता है।
#1. क्यों लिया ग्लेन मैक्सवेल ने अचानक आधी रात को संन्यास का फैसला?
ग्लेन मैक्सवेल का यह फैसला काफी हद तक अचानक और अप्रत्याशित माना जा रहा था। सोशल मीडिया पर देर रात साझा किए गए अपने लंबे संदेश में ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज ने लिखा कि वनडे फॉर्मेट में अब उनका शरीर 50 ओवरों की फील्डिंग और आक्रामक बल्लेबाजी के तनाव को लगातार झेलने में सक्षम नहीं महसूस कर रहा है। बार-बार होती चोटों और रिकवरी प्रक्रिया में लगने वाले लंबे समय ने उन्हें यह सोचने पर मजबूर किया कि यह संन्यास लेने का बिल्कुल सही समय है। मैक्सवेल ने साफ किया कि वह अपने देश के लिए अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट खेलते रहेंगे और फ्रेंचाइजी लीग में अपनी सेवाएं देते रहेंगे, लेकिन वनडे प्रारूप को अलविदा कहकर वह युवा खिलाड़ियों के लिए ऑस्ट्रेलिया की 50 ओवरों की टीम में रास्ता साफ कर रहे हैं।
#1. 2023 विश्व कप की वो ‘डेडमैन’ वाली पारी: जब पैर काम नहीं कर रहे थे, तब जड़ा दोहरा शतक
अपने करियर के सबसे यादगार लम्हों को याद करते हुए ग्लेन मैक्सवेल ने मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में 7 नवंबर 2023 को अफगानिस्तान के खिलाफ खेली गई अपनी एतिहासिक पारी का विशेष जिक्र किया। उस मैच में 292 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया की टीम महज 91 रन पर 7 विकेट गंवाकर हार की कगार पर खड़ी थी। पीठ की ऐंठन और दोनों पैरों में भयानक मांसपेशियों के खिंचाव (Severe Cramps) के कारण मैक्सवेल मैदान पर चल भी नहीं पा रहे थे। डॉक्टर और फिजियो उन्हें रिटायर्ड हर्ट होकर बाहर जाने की सलाह दे रहे थे, लेकिन मैक्सवेल एक पैर पर खड़े होकर केवल अपनी ऊपरी बॉडी (हाथों की ताकत) के सहारे अफगानिस्तान के गेंदबाजों पर टूट पड़े। उन्होंने दर्द से तड़पते हुए महज 128 गेंदों में नाबाद 201 रनों की नाबाद और चमत्कारी पारी खेलकर ऑस्ट्रेलिया को न केवल जीत दिलाई, बल्कि इतिहास के पन्नों में अमर हो गए।
#1. 142 वनडे मैचों का शानदार सफर: छक्कों, स्विक-रिवर्स और ऑलराउंडर प्रदर्शन का दौर
ग्लेन मैक्सवेल ने ऑस्ट्रेलियाई जर्सी पहनकर वनडे क्रिकेट में एक बेहद प्रभावशाली और यादगार सफर तय किया है। 142 वनडे मैचों में ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधित्व करते हुए मैक्सवेल ने 3,500 से अधिक रन बनाए और इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 125 से भी अधिक का रहा, जो वनडे क्रिकेट के इतिहास में सबसे बेहतरीन माना जाता है। बल्ले से छक्के बरसाने और स्विच-हिट के जरिए गेंदबाजों की लाइन-लेंथ बिगाड़ने के अलावा, उन्होंने अपनी उपयोगी ऑफ-स्पिन गेंदबाजी से 70 से अधिक विकेट भी हासिल किए। वे 2015 और 2023 में वनडे विश्व कप जीतने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम के मुख्य स्तंभों में से एक रहे।
#1. क्रिकेट जगत और प्रशंसकों ने दी मैक्सी को शानदार विदाई
जैसे ही मैक्सवेल के संन्यास की खबर फैली, पूर्व दिग्गज क्रिकेटरों, उनके साथी खिलाड़ियों और दुनिया भर के लाखों प्रशंसकों ने उन्हें शुभकामनाएं देनी शुरू कर दीं। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान और क्रिकेट बोर्ड ने उनके दिए योगदान की खुले दिल से सराहना की। ‘मैड मैक्सी’ के नाम से मशहूर इस खिलाड़ी ने वनडे क्रिकेट को जो नया आयाम, आक्रामकता और मनोरंजन दिया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल बना रहेगा। हालांकि फैंस उन्हें वनडे जर्सी में फिर कभी नहीं देख पाएंगे, लेकिन 201 रनों वाली वह ‘डेडमैन’ पारी जब भी याद की जाएगी, ग्लेन मैक्सवेल का नाम क्रिकेट के सुनहरे अक्षरों में चमकता रहेगा।









