

चित्रकूट
UGC द्वारा प्रस्तावित यूजीसी एक्ट को लेकर देशभर में उठ रहे विरोध के स्वर अब चित्रकूट तक पहुंच गए हैं। वर्ग आधारित भेदभाव को बढ़ावा देने वाला बताते हुए सामान्य वर्ग के छात्रों के हितों के खिलाफ लाए जा रहे इस कथित “काले कानून” के विरोध में आज चित्रकूट स्थित महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान छात्र-छात्राओं ने UGC के खिलाफ नारेबाजी की और आरोप लगाया कि नया यूजीसी एक्ट शिक्षा व्यवस्था में समानता के सिद्धांत को कमजोर करता है। विद्यार्थियों का कहना है कि यह कानून सामान्य वर्ग के छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय करेगा और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता को भी प्रभावित करेगा।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य सभी वर्गों को समान अवसर देना होना चाहिए, लेकिन यूजीसी द्वारा लाए जा रहे प्रावधान सामाजिक विभाजन को और गहरा करेंगे। छात्रों ने मांग की कि इस एक्ट को तुरंत वापस लिया जाए और सभी वर्गों के छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए कोई भी निर्णय लिया जाए।
विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि यूजीसी ने इस कानून को वापस नहीं लिया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा और यह विरोध प्रदर्शन प्रदेश स्तर तक फैलाया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में शांति व्यवस्था बनी रही।








