

चित्रकूट में दीपावली मेला के दूसरे दिन बुंदेलखंड के यदुवंशी भगवान श्री कृष्ण के उपासक चित्रकूट आकर दिवारी नृत्य करते हैं .
यह अपनी कला का प्रदर्शन दिखाते हैं ढोलक की थाप पर लाठियां इस कदर चलती हैं जिस तरह अचूक वार किया जाए यह एक महीना पहले से मौन धारण करते हैं और मंदाकिनी में स्नान करके अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं .
यह सदियों से चली आ रही परंपरा चित्रकूट में की जा रही है मेले के दूसरे दिन लगभग इस तरह की 50 से ज्यादा तोलिया चित्रकूट आती हैं हाथ में मोर का पंख लिए और एक हाथ में लाठियां लिए ढोलक की थाप पर जमकर फेंकते हैं और अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं .
उनकी कला का प्रदर्शन देखा लोग मणिमुक्त रह जाते हैं चित्रकूट में कामदगिरि महा आरती परिषद भरत विलाप मंदिर प्रमुख द्वारा रामसैया भरतकूप कई स्थानों में वहां के संत महंत तिवारी नृत्य करते हैं जब वह ढोलक की थाप पर लाठियां चटकाते हैं मानो एकदम अचूक वार करते हैं।








