
चित्रकूट जिले में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से लगभग 2 दर्जन से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित राजापुर और मऊ तहसील के गांव हैं। सरधुवा और अर्की गांव में तो घरों में पानी भर गया है, जिससे लोगों को आश्रय स्थल में शरण लेनी पड़ी है।
यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण कई अन्य जिलों में भी अलर्ट जारी किया गया है, जिनमें जालौन और प्रयागराज प्रमुख हैं। जालौन में यमुना नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है, जबकि प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य
– राजापुर और मऊ तहसील में राहत टीमें तैनात की गई हैं।
– प्रभावित गांवों में खाने और पानी की व्यवस्था की जा रही है।
– आश्रय स्थलों में लोगों को रहने की व्यवस्था की गई है।
नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण
– उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है।
– पहाड़ी इलाकों में हुई बारिश के कारण नदियों में पानी की मात्रा बढ़ रही है।
नदी के जलस्तर पर निगरानी
– प्रशासन ने नदी के जलस्तर पर निगरानी रखने के लिए टीमों का गठन किया है।
– जलस्तर बढ़ने पर अलर्ट जारी किया जा रहा है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है ¹।








