October 29, 2026 12:52 pm

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छत्तीसगढ़ : दशहरा, दीवाली और सर्दियों की छुट्टियों का पूरा कैलेंडर जारी



छत्तीसगढ़ के स्कूली छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए साल का यह समय हमेशा से ही उत्साह और उमंग से भरा होता है, क्योंकि साल के इन आखिरी महीनों में त्योहारों और मौसम के बदलाव के चलते सबसे ज्यादा छुट्टियां मिलती हैं। राज्य के शिक्षा विभाग और स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा आगामी शैक्षणिक सत्र के लिए छुट्टियों का आधिकारिक कैलेंडर जारी कर दिया गया है, जिसमें छत्तीसगढ़ के सभी सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में मिलने वाले अवकाशों की पूरी सूची साझा की गई है। इस नए शेड्यूल के अनुसार, छात्र-छात्राएं इस बार दशहरा, दीपावली, छठ पूजा और कड़ाके की सर्दियों के दौरान कुल मिलाकर लंबी छुट्टियों का लुत्फ उठा सकेंगे। लगातार मिलने वाले इन अवकाशों से बच्चों को न केवल अपनी पढ़ाई के तनाव से राहत मिलेगी, बल्कि वे अपने परिवार के साथ त्योहारों की खुशियां भी खुलकर मना सकेंगे। आइए छत्तीसगढ़ के इस नए स्कूल हॉलिडे कैलेंडर की गहराई से पड़ताल करते हैं और जानते हैं कि किस महीने में कितने दिन स्कूल बंद रहने वाले हैं।

छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए गए निर्देशों के मुताबिक, राज्य के प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में विभिन्न त्योहारों के अवसर पर अवकाश घोषित किए जा चुके हैं। अक्टूबर और नवंबर का महीना त्योहारों की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है, जिसमें देश भर की तरह छत्तीसगढ़ में भी दुर्गा पूजा, विजय दशमी (दशहरा) और दीपावली का पर्व अत्यंत धूमधाम से मनाया जाता है। दशहरा पर्व के अवसर पर स्कूलों में लगभग एक सप्ताह तक का अवकाश रहेगा, ताकि बच्चे और शिक्षक इस महापर्व का आनंद ले सकें। इसके ठीक कुछ ही हफ्तों बाद आने वाले दीपावली के पावन पर्व पर गोवर्धन पूजा और भाई दूज को शामिल करते हुए लंबी छुट्टियों का प्रावधान किया गया है। इन छुट्टियों के दौरान स्कूल परिसरों में सन्नाटा पसरा रहेगा, लेकिन बच्चों के घरों में दीयों की रोशनी और मिठाइयों की मिठास के साथ जश्न का माहौल रहेगा।

जारी किए गए आधिकारिक अवकाश कार्यक्रम के अनुसार, दशहरा (दुर्गा पूजा) के अवसर पर छत्तीसगढ़ के सभी विद्यालयों में अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े में लगभग 6 से 7 दिनों की लगातार छुट्टियां रहेंगी। इस दौरान शिक्षक भी अपने गृह जिलों या यात्राओं पर जा सकेंगे। इसके बाद, नवंबर के महीने में आने वाले सबसे बड़े त्योहार दीपावली पर स्कूलों में लगभग एक सप्ताह का अवकाश तय किया गया है। दीपावली की इन छुट्टियों में धनतेरस से लेकर भाई दूज और छत्तीसगढ़ के पारंपरिक लोक पर्वों को भी शामिल किया गया है, जिससे छात्रों को घर पर रहकर अपनी संस्कृति से जुड़ने का पूरा मौका मिलेगा। शिक्षा विभाग का यह मानना है कि त्योहारों के समय मिलने वाले इन अवकाशों से बच्चों की मानसिक थकान दूर होती है और वे जब दोबारा स्कूल लौटते हैं, तो उनकी ऊर्जा और सीखने की क्षमता में सकारात्मक सुधार देखने को मिलता है।

दीपावली और ठंड की शुरुआत के बाद छत्तीसगढ़ के स्कूलों में शीतकालीन अवकाश (Winter Vacation) का इंतजार छात्रों को बेसब्री से रहता है। दिसंबर के अंतिम सप्ताह से लेकर जनवरी के पहले सप्ताह तक कड़ाके की ठंड और शीतलहर की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए स्कूलों में शीतकालीन छुट्टियां दी जाती हैं। इस दौरान लगभग 6 से 10 दिनों तक स्कूल बंद रहते हैं, जिससे बच्चों को सुबह की गलन भरी ठंड से बड़ी राहत मिलती है। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में मौसम के मिजाज को देखते हुए जिला कलेक्टरों को भी यह अधिकार दिया गया है कि वे अत्यधिक ठंड या कोहरे की स्थिति में स्कूलों के समय में बदलाव कर सकें या स्थानीय अवकाश घोषित कर सकें। इन सर्दियों की छुट्टियों में बच्चे अक्सर अपनी वार्षिक परीक्षाओं की तैयारी के साथ-साथ छुट्टियों का आनंद लेते हैं।

राज्य के सभी शासकीय और निजी विद्यालयों के प्राचार्यों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे सरकार द्वारा जारी किए गए इस हॉलिडे कैलेंडर का सख्ती से पालन करें और किसी भी प्रकार के अनधिकृत बदलाव से बचें। इसके साथ ही, स्कूलों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि यदि छुट्टियों के कारण किसी दिन पढ़ाई का नुकसान होता है, तो उसकी भरपाई अतिरिक्त कक्षाओं या पाठ्यक्रम के बेहतर प्रबंधन के माध्यम से समय पर पूरी कर ली जाए ताकि बोर्ड परीक्षाओं में बैठने वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। अभिभावकों से भी यह अपील की गई है कि वे इन छुट्टियों के शेड्यूल को ध्यान में रखते हुए अपने बच्चों की छुट्टियों की प्लानिंग करें ताकि वे पढ़ाई और मनोरंजन के बीच बेहतरीन संतुलन बना सकें। छत्तीसगढ़ सरकार का यह सुनियोजित अवकाश कार्यक्रम छात्रों के समग्र विकास और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी साबित होने वाला है।

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