
रायपुर , 01 जुलाई 2026
जल संरक्षण के प्रभावी प्रयास किस प्रकार ग्रामीण विकास और किसानों की समृद्धि का आधार बन सकते हैं, इसका प्रेरक उदाहरण बलरामपुर जिले के राजपुर विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत चन्द्रगढ़ में देखने को मिल रहा है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत कोरोना नाले पर निर्मित चेक डेम ने गांव की कृषि व्यवस्था को नई ऊर्जा प्रदान की है।
कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशन तथा जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर के मार्गदर्शन में निर्मित इस संरचना से क्षेत्र में जल संचयन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके परिणामस्वरूप किसानों को अब वर्षभर सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होने लगा है।
चेक डेम से सीधे तौर पर 10 किसानों की लगभग 3.325 हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित हो रही है, वहीं ग्राम के 20 से 25 अन्य किसानों को भी इसका लाभ मिल रहा है। जल उपलब्धता बढ़ने से किसानों ने परंपरागत खेती के साथ मक्का, धान, सरसों तथा विभिन्न सब्जियों की खेती को अपनाया है, जिससे उत्पादन और आय में वृद्धि की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।
सिंचाई सुविधा मिलने से खेती का रकबा बढ़ा है और किसानों में बहुफसली खेती के प्रति रुचि भी बढ़ी है। इससे ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में नए अवसर सृजित हो रहे हैं।
चन्द्रगढ़ का यह चेक डेम केवल जल संरक्षण की एक संरचना नहीं, बल्कि ग्रामीण समृद्धि, टिकाऊ कृषि और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन का एक सफल मॉडल बनकर उभरा है। यह पहल दर्शाती है कि योजनाबद्ध जल संरक्षण प्रयास गांवों में आर्थिक सशक्तिकरण और सतत विकास की मजबूत नींव रख सकते हैं।






