रायपुर, 19 सितंबर 2026

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में राजस्व विभाग की डीसीएस एवं एग्रीस्टैक पहल किसानों के भूमि और फसल संबंधी अभिलेखों को डिजिटल रूप से सुरक्षित एवं व्यवस्थित करने के साथ शासकीय योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया को सरल बनाने में मददगार साबित हो रही है। जशपुर जिले के दुलदुला तहसील के ग्राम सिरिमकेला वार्ड क्रमांक 09 निवासी किसान मनरखन पिता जुमन को भी इसका लाभ मिला है।
डिजिटल रिकॉर्ड से भूमि संबंधी जानकारी हुई आसान
हितग्राही मनरखन ने बताया कि पहले भूमि की गिरदावरी और पंजीयन से संबंधित जानकारी प्राप्त करने में उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। धान की गिरदावरी हुई है या नहीं तथा भूमि का कितना क्षेत्रफल पंजीकृत है, इसकी जानकारी प्राप्त करने में भी परेशानी होती थी।
डीसीएस एवं एग्रीस्टैक से जुड़ने के बाद उनकी भूमि का डिजिटल रिकॉर्ड दर्ज हुआ है। इससे भूमि संबंधी दस्तावेज और अभिलेख सुरक्षित एवं व्यवस्थित हुए हैं। डिजिटल रिकॉर्ड के माध्यम से अब फसल और भूमि से संबंधित जानकारी प्राप्त करना भी अधिक सुविधाजनक हो गया है।
विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा
मनरखन ने बताया कि डीसीएस एवं एग्रीस्टैक से जुड़ने के बाद कृषि, मत्स्य, पशुधन और राजस्व विभाग की पात्रतानुसार संचालित योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा हो रही है। खाद-बीज, कृषि यंत्र और पशुधन से संबंधित योजनाओं की प्रक्रियाओं में भी डिजिटल रिकॉर्ड उपयोगी साबित हो रहा है।
उन्होंने बताया कि अब सीएससी सेंटर अथवा ऑनलाइन माध्यम से घर बैठे फसल एवं भूमि संबंधी जानकारी प्राप्त करना आसान हुआ है। डिजिटल रिकॉर्ड के कारण अपनी उपज, विशेषकर धान की बिक्री से संबंधित प्रक्रिया में भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
डिजिटल व्यवस्था के लिए शासन के प्रति जताया आभार
मनरखन ने कहा कि डीसीएस एवं एग्रीस्टैक में भूमि का डिजिटल रिकॉर्ड दर्ज होने से उनके भूमि संबंधी दस्तावेज सुरक्षित हुए हैं और अपनी भूमि एवं फसल की जानकारी प्राप्त करना आसान हुआ है। उन्होंने कहा कि डिजिटल रिकॉर्ड के माध्यम से विभिन्न विभागों की शासकीय योजनाओं का पात्रतानुसार लाभ लेने में भी सुविधा मिलेगी। उन्होंने इस डिजिटल व्यवस्था के लिए छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया।








