November 1, 2026 3:05 pm

BREAKING NEWS

तकनीक एवं नवाचार से बढ़ायेंगे किसानों का उत्पादन और आमदनी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

तकनीक एवं नवाचार से बढ़ायेंगे किसानों का उत्पादन और आमदनी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सिंगरौली में हुए बलराम कृषि महोत्सव में किसानों से वीसी से किया संवाद

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों के हित में हमारी सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं। हम तकनीक और नवाचार के जरिए किसानों का फसल उत्पादन और आमदनी दोनों बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। मुख्यमंत्री ने कहा की सिंगरौली की रत्नगर्भा भूमि में अब प्राकृतिक खेती का तेजी से प्रसार हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस जिले के 3000 से अधिक किसान प्राकृतिक खेती से जुड़ चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सब मिलकर सिंगरौली जिले को कृषि के मामले में अग्रणी जिला बनायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जाधानी के रूप में मशहूर सिंगरौली जिले को अब प्राकृतिक खेती का बड़ा केंद्र बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को सिंगरौली जिले में हुए बलराम कृषि महोत्सव को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने किसानों को अनंत चतुर्दशी की मंगलकामनाएं भी दीं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से कहा कि हम प्रदेश में 100 लाख हेक्टेयर तक सिंचाई क्षमता का विस्तार करेंगे। उद्यानिकी का रकबा 30 लाख हेक्टेयर ले जाएगे। खाद्य प्रसंस्‌करण और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देंगे। एक जिला-एक उत्पाद से स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देंगे। पशुपालन और डेयरी को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का अंग बनाएगें। उन्होंने कहा कि हम खेती से जुड़े एक लाख किसानों, युवाओं और बेटियों को विशेष प्रशिक्षण देकर प्रदेश में कृषि उद्यमियों की नई पीढ़ी तैयार करेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सोन और गोपद नदी का संगम स्थल सिंगरौली जिला श्रीअन्न उत्पादन में अग्रणी है। कोदो और सामा यहां की प्रमुख फसलें है। सिंगरौली और डिंडोरी के किसानों की पहल पर ही सरकार ने कोदो-कुटकी की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगरौली जिले के प्रगतिशील किसानों से वीसी से संवाद कर उनके द्वारा की जा रही प्राकृतिक खेती, अन्न उत्पादन और विशेषकर हल्दी की खेती के बारे में जानकारी ली। किसानों ने बताया कि परम्परागत खेती के बजाय जैविक खाद के इस्तेमाल से प्राकृतिक खेती में ज्यादा फायदा होता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंगरौली के किसान अब पारंपरिक खेती के साथ नई तकनीक और नई फसलों को भी अपना रहे हैं। उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में भी सिंगरौली जिले में काफी संभावनाएं हैं। जिले में आटा मिल, राइस मिल, ऑयल मिल, दुग्ध उत्पाद, बेकरी और खाद्य प्रसंस्‌करण की कई नई इकाइयां स्थापित की गई हैं। सरकार द्वारा किसान भाइयों को दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के लिए फीडरों का विभक्तिकरण कर दिया गया है। इससे खेती के लिए बिजली की उपलब्धता और भी बेहतर होगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिले के किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी खेती-किसानी में फसल विविधीकरण अपनाएं। उद्यानिकी और प्राकृतिक खेती में रूचि लें। साथ ही पशुपालन और मछली पालन व्यवसाय से भी जुड़ें।

सिंगरौली में हुए बलराम कृषि महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम स्थल में पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह, सीधी-सिंगरौली के लोकसभा सांसद डा. राजेश मिश्रा एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विधायक सिंगरौली रामनिवास शाह, विन्ध्य विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पांचूलाल प्रजापति, कपिल यार्दे, राम लल्लन सिंह, जयपाल सिंह सहित प्रगतिशील किसान और बड़ी संख्या में जिले भर से आए किसान बंधु उपस्थित थे।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

R . 1

Advertisement Carousel

Your Opinion

Will Donald Trump's re-election as US President be beneficial for India?
error: Content is protected !!