तेन्दूपत्ता संग्राहकों को मिली बड़ी राहत, पहले चरण में 12 हजार से अधिक हितग्राहियों के खातों में पहुंचे 12 करोड़ रुपये

रायपुर, 02 जून 2026

छत्तीसगढ़ सरकार ने तेंदूपत्ता संग्राहकों को बड़ी राहत देते हुए संग्रहण पारिश्रमिक (मजदूरी) दर में भारी बढ़ोतरी की है। इसके तहत अब संग्राहकों को प्रति मानक बोरा 5500 रुपए का भुगतान किया जा रहा है। इसके अलावा, चरणपादुका योजना फिर से शुरू करके संग्राहकों को सुरक्षा और आर्थिक संबल प्रदान किया गया है। तेन्दूपत्ता संग्रहण सीजन 2026 के तहत छत्तीसगढ़ के वन क्षेत्रों में रहने वाले हजारों परिवारों को आर्थिक संबल मिलना शुरू हो गया है। राज्य शासन द्वारा तेन्दूपत्ता संग्राहकों के पारिश्रमिक भुगतान की प्रक्रिया तेजी से प्रारंभ कर दी गई है। इसी कड़ी में बीजापुर जिले के अंतर्गत प्रथम चरण में 12 हजार 379 संग्राहकों के बैंक खातों में 12 करोड़ रुपये की राशि सीधे ऑनलाइन (डीबीटी के माध्यम से) हस्तांतरित की गई है।

जिले में कुल संग्राहक व मात्रा

बीजापुर जिले की 28 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के 45 लॉटों में कुल 40 हजार 716 संग्राहकों ने 65 हजार 430.359 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण किया है। शासन द्वारा निर्धारित 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से जिले के संग्राहकों को कुल 35.99 करोड़ रुपये का पारिश्रमिक भुगतान किया जाना है। इसके अलावा 500 गड्डी से अधिक तेंदूपत्ता संग्रहण करने वाले संग्राहकों को शासन की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। योजना के तहत परिवार के मुखिया की सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख तथा दुर्घटना से मृत्यु होने पर 4 लाख तक की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। परिवार के अन्य सदस्यों के लिए भी आर्थिक सहायता का प्रावधान है।

प्रथम चरण में समिति-वार हुआ भुगतान

वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार भुगतान के पहले चरण में जिले की प्रमुख समितियों के बैंक खातों में राशि सीधे (डीबीटी के माध्यम से) जमा की गई है। प्राथमिक वनोपज समिति लाभान्वित संग्राहक हस्तांतरित राशि गुडमा समिति के 1,912 संग्राहकों को 1.95 करोड़ रुपये, कुटरू समिति के 937 संग्राहकों को 1.29 करोड़ रुपये, तोयनार समिति के 961 संग्राहकों को 1.20 करोड़ रुपये तथा बरदेला समिति के 1,023 संग्राहकों को 1.11 करोड़ रुपये की राशि उनके बैंक खातों में सीधे जमा की गई है। इसके अलावा संतोषपुर, भैरमगढ़, माटवाड़ा, कोडोली, नैमेड़, भद्रकाली और चेरपल्ली सहित अन्य समितियों के संग्राहकों को भी लाखों रुपये का ऑनलाइन भुगतान किया गया है। शेष समितियों में संग्रहित मात्रा का सत्यापन और ऑनलाइन एंट्री का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है, जिसके पूरा होते ही सभी पात्र संग्राहकों को भुगतान कर दिया जाएगा।

वनाश्रित परिवारों की आजीविका को संबल

वनोपज आधारित आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में सरकार की यह पहल बेहद महत्वपूर्ण साबित हो रही है। तेन्दूपत्ता बिक्री से प्राप्त इस राशि का उपयोग वनाश्रित परिवार अपनी खेती-किसानी, बच्चों की शिक्षा और घरेलू जरूरतों को पूरा करने में करते हैं। मानसून के आगमन से ठीक पहले पारिश्रमिक राशि मिलने से किसानों और वनाश्रित परिवारों को खरीफ फसल की तैयारियों के लिए खाद-बीज आदि की व्यवस्था करने में विशेष सहायता मिलेगी। शासन की इस पारदर्शी और त्वरित ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है और वन क्षेत्रों में रहने वाले हजारों परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

R No. 13843/ 75

Advertisement Carousel

Your Opinion

Will Donald Trump's re-election as US President be beneficial for India?
error: Content is protected !!