
विशेष न्यायाधीश रेनू मिश्रा ने सुनाया निर्णय
चित्रकूट : 18 माह की दुधमुही बालिका के साथ हैवानियत दिखाते हुए नाले में ले जाकर दुराचार करने के आरोपी को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अर्थदण्ड से भी दण्डित किया है।
रिश्तों को शर्मशार करने वाली यह घटना बीती 23 जून 2024 को मऊ थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई थी। जिसमें शिकायकर्ता ने बताया था कि उसके नौ बच्चे हैं। लगभग दो साल पहले उसकी पत्नी की मृत्यु हो गई थी।
वह अपने बच्चों का पालन पोषण अकेले ही करता है। घटना के दिन वह अपने बड़े बेटे की शादी के कार्ड बांटने घर से बाहर गया था और उसके बच्चे घर पर थे। इस दौरान उसकी मऊ थाना क्षेत्र के कुम्हारन का डेरा निवासी इतराज प्रसाद घर आया। वह शराब के नशे में था। घर आकर वह उसकी 18 माह की नाबालिग बेटी को घर के बाहर से खेलते हुए बहला-फुसलाकर अपने साथ गांव के शिव मन्दिर के आगे सड़क किनारे सूखे हुए नाले की ओर ले गया। यहां उसने उसकी नाबालिग बेटी के साथ दोपहर के समय जबरन बलात्कार किया। पुत्री के चीखने चिल्लाने पर गांव के अन्य लोग वहां पहुंचे, तो आरोपी बेटी को नग्न अवस्था में ही छोड़कर भाग गया।
इसके बाद मौके पर पहुंचे बड़े बेटे ने उसे फोन से सूचना दी और वह दुराचार का शिकार अपनी बेटी को लेकर थाने पहुंचा। जिसके बाद पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी इतराज प्रसाद के विरूद्ध धारा 363, 376 ए, बी, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012, 5एम, 6 के तहत अभियोग पंजीकृत कर लिया। साथ ही आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया तथा लगभग एक सप्ताह बाद ही न्यायालय में आरोप पत्र भी दाखिल कर दिया।
विशेष लोक अभियोजक तेज प्रताप सिंह ने बताया कि बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश रेनू मिश्रा ने गुरुवार को इस मामले में निर्णय सुनाया। जिसमें दोष सिद्ध होने पर आरोपी इतराज प्रसाद को आजीवन कारवास के साथ अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।








