दुराचार के मामले में दोष सिद्ध होने पर आरोपी को 20 वर्ष की कैद

विशेष न्यायाधीश ने सुनाया निर्णय


चित्रकूट  नाबालिग को बरगलाकर ले जाने और दुराचार के बाद एक संतान होने के बाद भगा देने के मामले में दोष सिद्ध होने पर विशेष न्यायाधीश ने आरोपी को 20 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अर्थदण्ड से भी दण्डित किया है।
विशेष लोक अभियोजक तेज प्रताप सिंह ने बताया कि राजापुर थाने में एक महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार सरधुवा गांव का निवासी कमल उसकी नाबालिग बेटी को बरगलाकर सूरत ले गया, जहां उसने बंधक बनाकर जबरन बेटी के साथ दुराचार किया। लगातार कई दिनों तक दुराचार के बाद उसकी बेटी गर्भवती हो गई। इस दौरान संतान होने पर वह बेटी को नवजात शिशु के साथ छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा। साथ ही न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद मंगलवार को विशेष न्यायाधीश रेनू मिश्रा ने इस मामले में निर्णय सुनाया। जिसमें दोष सिद्ध होने पर आरोपी कमल को 20 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। साथ ही अर्थदण्ड से भी दण्डित किया गया।

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