निस्वार्थ एवं स्वप्रेरणा से राष्ट्र सेवाकरनी चाहिए : प्रो भरत मिश्र, कुलगुरु

महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो भरत मिश्रा ने कहा विद्यार्थियों को स्व  प्रेरणा से राष्ट्र की सेवा करना चाहिए। इस आशय के विचार उन्होंने
राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय नेतृत्व प्रशिक्षण शिविर में व्यक्त किए। उन्होंने माता-पिता एवं नवजात शिशु के बीच स्नेह और लालन पालन के उदाहरण को समझाते हुए विद्यार्थियों का आव्हान किया कि वे सतत राष्ट्र सेवा का लेवे।प्रो भरत मिश्र ने अपने जीवन के व्यावहारिक अनुभव साझा करते हुए  विद्यार्थियों को उत्साहित करने वाले प्रसंग सुनाए।
उन्होंने बताया कि महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय ने मंदाकिनी नदी के स्फटिक शिला घाट को स्वच्छ बनाने का संकल्प लिया है। अस्तु राष्ट्रीय सेवा योजना के  स्वयंसेवकों को भी  प्रत्येक शनिवार स्फटिक शिला घाट एवं मंदाकिनी नदी को साफ करने हेतु संकल्प लेना चाहिए। प्रो मिश्रा ने विद्यार्थियों को स्वयंसेवक शब्द का अर्थ बताते हुए कहा कि स्वयंसेवक का अर्थ होता है कि स्वयं की प्रेरणा से राष्ट्र सेवा करना। उन्होंने स्वामी विवेकानंद जी के  ध्येय वाक्य को बताते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद कहते थे कि उठो जागो और तब तक चलते रहो जब तक लक्ष्य की प्राप्ति ना हो जाएं।
महंत श्री  दिव्यजीवन दास जी महाराज ने अध्यक्षता करते हुए   चित्रकूट की पावन धरा  का वर्णन किया।महाराज श्री ने कहा कि हमें अपनी भारतीय मूल संस्कृति से सदैव जुड़ा रहना चाहिए।उन्होंने सदैव अर्जुन की भांति  लक्ष्य पर केंद्रित होकर  सतत् आगे बढ़ते रहने की सलाह विद्यार्थियों को दिया
कार्यक्रम अधिकारी डॉ उमेश कुमार शुक्ल ने शिविर के उद्देश्य, औचित्य और उपयोगिता पर प्रकाश डाला।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Your Opinion

Will Donald Trump's re-election as US President be beneficial for India?
error: Content is protected !!