
हाई कोर्ट ने मामले में 15 दिन के भीतर एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है.
ग्वालियर के बहोड़ापुर थाना क्षेत्र से 15 दिन पहले लापता हुई जिस युवती को पुलिस बालिग मानकर तलाश कर रही थी, वह बरामद होने के बाद नाबालिग निकली। दस्तावेजों की जांच करने पर उसकी उम्र 17 वर्ष पाई गई। पूछताछ के दौरान यह भी पता चला कि उसका चोरी-छिपे बाल विवाह कराया गया था.
हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस को 15 दिन के भीतर बाल विवाह कराने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है.
12 जून को घर से लापता हो गया
12 जून को सागरताल फेस-2 निवासी एक व्यक्ति ने बहोड़ापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी 19 वर्षीय बेटी घर से लापता हो गई है। पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी।
नोएडा से हुई बरामदगी, दस्तावेजों में सामने आई सच्चाई!
सर्विलांस की मदद से पुलिस ने युवती को दो दिन पहले उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) से बरामद कर लिया। वह बहोड़ापुर निवासी किशन खटीक के साथ मिली। पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर ग्वालियर ले आई।
कोर्ट में पेशी के दौरान जब लड़की की मार्कशीट और जन्म प्रमाण पत्र की जांच की गई तो पता चला कि वह 19 नहीं बल्कि 17 साल की है.
काउंसलिंग में हुआ खुलासा
काउंसलिंग के दौरान लड़की ने बताया कि उसके पिता ने उसकी मर्जी के खिलाफ कम उम्र में उसकी शादी कर दी थी। वह अपने पति और ससुराल वालों के साथ नहीं रहना चाहती थी. इस कारण वह अपने पड़ोसी किशन के साथ घर छोड़कर चली गई।
हाईकोर्ट ने जारी किये सख्त निर्देश
लड़की के पिता ने पहले पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी। लड़की की बरामदगी और बाल विवाह की जानकारी सामने आने के बाद हाईकोर्ट ने बहोड़ापुर पुलिस को 15 दिन के भीतर बाल विवाह में शामिल सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.
युवक को जेल भेजा गया, अब माता-पिता और पति पर कार्रवाई होगी
पुलिस ने किशन खटीक के खिलाफ अपहरण और पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया.
अब पुलिस लड़की के माता-पिता, कथित पति, ससुराल वालों और बाल विवाह में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। उनके खिलाफ बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत अलग से प्राथमिकी दर्ज की जायेगी.
बहोड़ापुर थाना प्रभारी आलोक परिहार ने बताया कि नोएडा से बरामद लड़की दस्तावेजों के मुताबिक नाबालिग है। जांच में बाल विवाह की पुष्टि हुई है। बाल विवाह कराने वालों के विरुद्ध न्यायालय के निर्देशानुसार कानूनी कार्रवाई की जा रही है.









