
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के इतिहास में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे विमानन जगत को हिलाकर रख दिया है। दुबई से इजरायल के तेल अवीव के लिए उड़ान भरने वाली फ्लाईदुबई एयरलाइन की फ्लाइट (FZ1073) के कॉकपिट के भीतर एक बड़ी खूनी साजिश रची गई। विमान जब हवा में था, तब एक ओमानी को-पायलट ने विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेकर उसे जानबूझकर दुर्घटनाग्रस्त (क्रैश) करने की कोशिश की। हालांकि, विमान में मौजूद भारतीय मूल के कैप्टन और सह-पायलट ने असाधारण सूझबूझ और बहादुरी का परिचय देते हुए इस नापाक कोशिश को पूरी तरह नाकाम कर दिया, जिससे विमान में सवार सभी 180 यात्रियों की जान बच गई।
इस सनसनीखेज घटना के सामने आने के बाद से इजरायली सुरक्षा एजेंसियों और विमानन अधिकारियों ने गहराई से जांच शुरू कर दी है। फ्लाइट जब जॉर्डन के वायुक्षेत्र के ऊपर से गुजर रही थी, तभी कॉकपिट के भीतर दोनों पायलटों के बीच तीखी हाथापाई और संघर्ष शुरू हो गया था, जिसके बाद ग्राउंड पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को आपातकालीन संकेत भेजे गए थे।
इस गंभीर संकट के समय जिस भारतीय पायलट ने अपनी जान की परवाह किए बिना विमान और उसमें सवार सैकड़ों यात्रियों की रक्षा की, उनकी पहचान स्मित मच्छर के रूप में हुई है। पायलट स्मित मच्छर ने साल 2022 में फ्लाईदुबई एयरलाइन जॉइन की थी, और इससे पहले वे करीब एक दशक तक भारत की प्रमुख एयरलाइन स्पाइसजेट में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। मूल रूप से भारतीय नागरिक और अपने परिवार के साथ दुबई में रहने वाले स्मित मच्छर की इस त्वरित कार्रवाई ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय हवाई हादसे को टाल दिया।
रॉयटर्स और अन्य मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केबिन क्रू के कॉकपिट में दाखिल होने से ठीक पहले संदिग्ध ओमानी को-पायलट ने कैप्टन पर चाकू से हमला कर दिया था और विमान को जबरन नीचे गिराने की फिराक में था। लेकिन भारतीय पायलट और क्रू मेंबर्स की संयुक्त टीम ने हमलावर पर काबू पा लिया। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के ताबुक स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज हवाई अड्डे की तरफ डायवर्ट किया गया, जहां उसकी सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।
विमान में सवार सभी 180 यात्री सुरक्षित रूप से नीचे उतर चुके हैं, और घायल पायलट का इलाज जारी है। इस हाई-प्रोफाइल घटना के बाद इजरायली अधिकारी इस बात की बेहद गहराई से जांच कर रहे हैं कि आखिर ओमानी मूल के इस पायलट को इजरायल की राजधानी तेल अवीव जाने वाले संवेदनशील विमान का संचालन करने की अनुमति कैसे और किन परिस्थितियों में मिली थी। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह केवल दो पायलटों के बीच का विवाद नहीं था, बल्कि इसके पीछे किसी गहरी आतंकी साजिश या सुनियोजित षड्यंत्र से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल, आरोपी पायलट को हिरासत में ले लिया गया है और उससे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है।














