
बिहार की पावन धरती पर जब भी प्रकृति का कोई बड़ा प्रकोप या आपदा आती है, तो सूबे की लोक संस्कृति और जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हो जाता है, और इन दिनों राज्य के कई जिलों में बाढ़ के पानी ने जो तबाही मचाई है उसने हर संवेदनशील दिल को झकझोर कर रख दिया है। भोजपुरी सिनेमा की जानी-मानी और लोकप्रिय अभिनेत्री अक्षरा सिंह का इस भीषण प्राकृतिक आपदा को देखकर दर्द छलक उठा है, और उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से एक बहुत ही भावुक अपील जारी की है। अपनी कला और अभिनय से करोड़ों दिलों पर राज करने वाली अक्षरा सिंह ने संकट की इस घड़ी में बिहार के बाढ़ पीड़ितों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए प्रदेश और देश के तमाम समर्थ लोगों से आगे आने और राहत कार्यों में अपना योगदान देने की जोरदार अपील की है। उनका यह वीडियो और बयान इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें साफ तौर पर देखा जा सकता है कि अपनी जन्मभूमि और वहां के लोगों का यह दर्द उनसे देखा नहीं जा रहा है।
बिहार के विभिन्न जिलों में नदियां उफान पर हैं और तटबंध टूटने से पानी गांवों के भीतर तक घुस आया है, जिसके कारण लाखों लोग अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने के लिए मजबूर हो गए हैं। धान की लहलहाती फसलें पानी में डूब चुकी हैं, पशुओं के लिए चारे का संकट गहरा गया है और गरीब परिवारों के सामने दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करना भी एक बहुत बड़ी चुनौती बन गया है। इस भयावह स्थिति को बयां करते हुए अभिनेत्री अक्षरा सिंह ने कहा कि जब वे अपने प्रदेश के लोगों को इस तरह से खुले आसमान के नीचे और बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करते देखती हैं, तो उनका मन बहुत व्यथित हो जाता है। बाढ़ के इस पानी ने केवल मकानों को ही नहीं बल्कि कई परिवारों के सपनों और उनकी सालभर की मेहनत को भी एक झटके में बहा दिया है, जिससे राहत और बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर चलाए जाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
भले ही अक्षरा सिंह फिल्मी पर्दे पर अपनी ग्लैमरस छवि और दमदार अभिनय के लिए जानी जाती हों, लेकिन जब बात उनकी माटी और बिहार के लोगों पर आती है, तो वे हमेशा एक जिम्मेदार नागरिक और सच्ची बेटी की तरह आगे खड़ी नजर आती हैं। इससे पहले भी आपदा के कई मौकों पर उन्होंने खुलकर मदद का हाथ बढ़ाया है और इस बार भी बाढ़ पीड़ितों के लिए उन्होंने सामाजिक स्तर पर हरसंभव सहयोग करने का संकल्प लिया है। उन्होंने अपने प्रशंसकों और चाहने वालों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर केवल संवेदना व्यक्त करने तक ही सीमित न रहें, बल्कि अपनी क्षमता के अनुसार राशन, कपड़े और अन्य जरूरी सामग्री जुटाकर जरूरतमंदों तक पहुंचाएं। एक लोकप्रिय हस्ती होने के नाते उनका यह संदेश दूर-दूर तक पहुंच रहा है, जिससे युवाओं और समाज के अन्य वर्गों को भी बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए आगे आने की प्रेरणा मिल रही है।
बिहार सरकार और जिला प्रशासन की टीमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं और लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के साथ-साथ राहत शिविरों में भोजन और मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराने में जुटी हुई हैं। हालांकि आपदा का दायरा इतना बड़ा है कि सरकारी प्रयासों के साथ-साथ गैर-सरकारी संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और सेलिब्रिटियों की सहभागिता भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो जाती है। अक्षरा सिंह ने भी प्रशासनिक तंत्र की सराहना करते हुए कहा कि सरकार अपना काम पूरी मुस्तैदी से कर रही है, लेकिन संकट की इस विकराल घड़ी में हम सबकी भी यह नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि हम पीड़ितों को अकेला न छोड़ें। राहत सामग्री का वितरण पारदर्शी तरीके से हो और हर एक पीड़ित तक मदद पहुंचे, इसके लिए स्थानीय स्तर पर युवाओं की टोलियों को भी आगे आकर प्रशासन का सहयोग करना चाहिए ताकि इस आपदा से उबरने में तेजी आ सके।
बिहार के लोगों की जुझारू प्रवृत्ति और उनकी हिम्मत का इतिहास गवाह है कि उन्होंने हर बड़ी से बड़ी आपदा का सामना हमेशा डटकर किया है और इस बार भी बाढ़ के इस पानी को वे अपनी एकजुटता से हरा देंगे। अभिनेत्री अक्षरा सिंह ने अपने संदेश के अंत में सभी से धैर्य बनाए रखने और एक-दूसरे का हाथ थामने की अपील करते हुए कहा कि अंधेरी रात के बाद सवेरा जरूर होता है और यह संकट का समय भी बहुत जल्द टल जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि बिहार के लोग इस मुश्किल दौर से पूरी मजबूती के साथ बाहर निकलेंगे और अपनी खोई हुई रफ्तार को फिर से हासिल करेंगे। जरूरत इस बात की है कि राजनीति और अन्य भेदों से ऊपर उठकर हर कोई इंसानियत के नाते आगे आए और बाढ़ की इस मार से जूझ रहे परिवारों के चेहरों पर फिर से मुस्कान लाने में अपना योगदान दे, क्योंकि सच्ची मानवता आपदा के समय ही अपनी असली परीक्षा पास करती है।









