
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में लंबित ओबीसी आरक्षण विवाद पर बड़ा फैसला आया है. बुधवार को न्यायमूर्ति आनंद पाठक और न्यायमूर्ति बीपी शर्मा की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि मामले की नियमित अंतिम सुनवाई अब 15 जुलाई से रोजाना दोपहर 2:30 बजे से होगी.
हालांकि, पहले यह मैराथन सुनवाई 13 जुलाई से शुरू करने पर विचार किया जा रहा था.
सुनवाई के दौरान ओबीसी वर्ग और सामान्य वर्ग के बीच तीखी कानूनी बहस देखने को मिली. ओबीसी वर्ग का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर ने मुख्य याचिका (अशिता दुबे बनाम मध्य प्रदेश सरकार) में 19 फरवरी को जारी स्थगन आदेश को तत्काल हटाने की पुरजोर मांग की.
उन्होंने कोर्ट के समक्ष राज्य के युवाओं का पक्ष रखते हुए कहा कि इस आरक्षण विवाद के कारण हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर है और लंबे समय से भर्तियां रुकी रहने के कारण युवाओं में व्यापक निराशा है और मानसिक तनाव बढ़ रहा है. वहीं सामान्य वर्ग का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ वकील आदित्य सांघी ने इस मांग का कड़ा विरोध किया.









