

30 सितंबर तक देख सकेंगे श्रीराम कथा के विभिन्न प्रसंग
भोपाल। भारतीय संस्कृति में “लीला” केवल धार्मिक या पौराणिक कथा का मंचन नहीं, बल्कि लोकमानस का जीवंत उत्सव है। इसी प्रयास के साथ मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग द्वारा भारतीय सांस्कृतिक सम्बन्ध परिषद् नई दिल्ली एवं जिला प्रशासन सतना के सहयोग से 24 से 30 सितम्बर, 2025 तक प्रतिदिन सायं 7 बजे से ‘’अन्तर्राष्ट्रीय श्रीरामलीला उत्सव’’ का आयोजन श्रीराघव प्रयाग घाट, चित्रकूट में आयोजन किया गया है। इस सात दिवसीय प्रतिष्ठित आयोजन में आप सभी सादर आमंत्रित हैं। प्रवेश निःशुल्क है।
24 सितंबर को समारोह के शुभारंभ में अतिथि के रूप में सनकादिक महाराज, रामहृदय दास महाराज, डॉ मदनगोपाल दास , सीताशरण महाराज, दिव्यजीवन महाराज, राज्य मंत्री, नगरीय प्रशासन, मध्यप्रदेश प्रतिमा बागरी, सांसद, सतना गणेश सिंह, विधायक, चित्रकूट सुरेंद्र सिंह गहरवार, अध्यक्ष,नगर परिषद चित्रकूट सुश्री साधना पटेल, कलेक्टर, सतना डॉ सतीश कुमार एस के साथ-साथ अन्य अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्रथम दिवस सांस्कृतिक कला संगम, नई दिल्ली के कलाकारों द्वारा लीला प्रस्तुति दी गई। उन्होंने नारद मोह प्रसंग प्रस्तुति किया। यह प्रसंग पौराणिक कथा है जिसमें भगवान विष्णु अपनी माया से देवर्षि नारद के आध्यात्मिक अभिमान को चूर-चूर करते हैं। इस कथा के अनुसार, नारद जी एक राजा के स्वयंवर में विश्वमोहिनी के वरण के लिए विष्णुजी से उनका हरि स्वरूप मांग लेते हैं। विष्णुजी उन्हें बंदर जैसा वानर रूप प्रदान करते हैं, जिससे नारद जी का बहुत अपमान होता है।








