

चित्रकूट 26 नवंबर 1949 को भारतीय संविधान सभा ने औपचारिक रूप से संविधान को अपनाया जो 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ। बुधवार का दिन संविधान को अपनाने की 76वीं वर्षगांठ को समर्पित रहा। यह दिन लोकतंत्र, न्याय और समानता के सिद्धांतों के उत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर दीनदयाल शोध संस्थान द्वारा संचालित एवं कौशल विकास तथा उद्यमशीलता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित जन शिक्षण संस्थान चित्रकूट द्वारा जनपद के मऊ में पंडित शिवकुमार त्रिपाठी इण्टर कालेज में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
संविधान दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम में पंडित शिवकुमार त्रिपाठी इण्टर कालेज के प्रधानाचार्य श्री कृष्ण कुमार शुक्ला, मुख्य वक्ता श्री प्रफुल्लचन्द्र त्रिपाठी वरिष्ठ अधिवक्ता मऊ तथा जन शिक्षण संस्थान के परियोजना समन्वयक बनारसी लाल पाण्डेय तथा श्री प्रभाकर मिश्रा सहायक परियोजना समन्वयक व कंप्यूटर ऑपरेटर श्री सुघर सिंह, जनमेजय सिंह सहित 51 बालिकायें, 73 बालक व 14 विद्यालय परिवार के लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत मे सभी को संविधान की शपथ दिलाई गई।
संविधान दिवस के अवसर पर उपस्थित सभी बच्चों एवं शिक्षकों को संविधान की प्रस्तावना का पाठ कराया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानाचार्य श्री कृष्ण कुमार शुक्ला ने संविधान में निहित मूल्यों और आदर्शों का स्मरण कराते हुए राष्ट्र की एकता और अखंडता बनाए रखने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि संविधान देश का मार्गदर्शक ग्रंथ है, जो नागरिकों के अधिकारों और कर्तव्यों दोनों को निर्देशित करता है। उन्होंने सभी को संविधान के प्रति निष्ठा, कर्तव्यपरायणता और राष्ट्रहित में कार्य करने का संकल्प दोहराने के लिए प्रेरित किया।
मुख्य वक्ता श्री प्रफुल्लचन्द्र त्रिपाठी वरिष्ठ अधिवक्ता ने सभी से आह्वान किया कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन करते समय संवैधानिक मर्यादाओं, लोकतांत्रिक सिद्धांतों और नागरिकों के अधिकारों का सम्मान करें। उन्होंने बताया कि यह शपथ हमें अपनी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करती है और देश की एकता, अखंडता एवं लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने का संदेश देती है। कार्यक्रम में यह भी स्पष्ट किया गया कि संविधान की शपथ केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह हर व्यक्ति को अपने कार्यों में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और अनुशासन बनाए रखने की प्रेरणा देती है। इस अवसर पर जन शिक्षण संस्थान के परियोजना समन्वयक बनारसी लाल पाण्डेय ने जन शिक्षण द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न रोजगार परख प्रशिक्षणों की विस्तृत जानकारी प्रदान की।








