Mauganj-धान उपार्जन में लापरवाही पर सख्ती: कलेक्टर ने आठ समिति प्रबंधकों को सात दिन में सार्टेज राशि जमा करने के दिए निर्देश
मऊगंज। जिले में धान उपार्जन सत्र 2025-26 के दौरान सामने आई अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर संजय कुमार जैन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर ने आठ समिति प्रबंधकों और एक उपार्जन प्रभारी को नोटिस जारी कर धान की सार्टेज (कमी) के एवज में वसूली की राशि सात दिनों के भीतर एपी एससीएससी के खाते में चालान के माध्यम से जमा करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन द्वारा की गई समीक्षा में पाया गया कि कई उपार्जन केन्द्रों में शासकीय धान के संरक्षण और प्रबंधन में लापरवाही बरती गई, जिसके कारण धान की कमी की स्थिति उत्पन्न हुई। इस पर कलेक्टर ने संबंधित समिति प्रबंधकों और उपार्जन प्रभारी को जिम्मेदार मानते हुए उनसे वसूली की कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
इन समिति प्रबंधकों पर वसूली के निर्देश
1. सेवा सहकारी समिति पटपरा क्रमांक-1 के समिति प्रबंधक रमाकांत द्विवेदी एवं उपार्जन प्रभारी रामकृष्ण दुबे को 833.29 क्विंटल सार्टेज धान के एवज में 20 लाख 83 हजार 222 रुपये जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।
2. सेवा सहकारी समिति हटवा के समिति प्रबंधक राजबहोर मिश्र को 391.87 क्विंटल धान की कमी के एवज में 9 लाख 79 हजार 675 रुपये जमा करने होंगे।
3. सेवा सहकारी समिति हर्दी क्रमांक-2 के समिति प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार शुक्ला को 469.53 क्विंटल सार्टेज धान के बदले 11 लाख 83 हजार 823 रुपये जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।
4. सेवा सहकारी समिति मनुहाई के समिति प्रबंधक दिनेश तिवारी को 744.39 क्विंटल धान की कमी के एवज में 18 लाख 60 हजार 966 रुपये जमा करने होंगे।
5. सेवा सहकारी समिति पटहरा के समिति प्रबंधक रामसागर पटेल को 548.73 क्विंटल सार्टेज धान के बदले 13 लाख 71 हजार 814 रुपये जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।
6. सेवा सहकारी समिति बिछरहटा के समिति प्रबंधक हनुमान प्रसाद शुक्ला को 816.76 क्विंटल धान की कमी के एवज में 20 लाख 41 हजार 901 रुपये जमा करने होंगे।
7. सेवा सहकारी समिति पहाड़ी के समिति प्रबंधक अनुसुईया प्रसाद पाण्डेय को 447.96 क्विंटल सार्टेज धान के बदले 11 लाख 19 हजार 909 रुपये जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।
8. सेवा सहकारी समिति नईगढ़ी के समिति प्रबंधक दिनेश मिश्रा को 498.55 क्विंटल धान की कमी के एवज में 12 लाख 46 हजार 382 रुपये 50 पैसे जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि उपार्जन केन्द्रों में उपलब्ध शासकीय धान के संरक्षण और प्रबंधन में गंभीर लापरवाही, अनियमितता या गबन की स्थिति बनने पर संबंधित समिति प्रबंधक और उपार्जन प्रभारी को ही जिम्मेदार माना जाएगा। प्रशासन ने सभी संबंधितों को सात दिन के भीतर राशि जमा करने के निर्देश दिए हैं, अन्यथा आगे कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।







