
चित्रकूट। भरतकूप बिजली घर अंतर्गत आने वाले गांव सिलखोरी में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। गांव का ट्रांसफारmer तीन दिन पहले खराब हो गया, लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं हो सका है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार भरतकूप बिजली घर में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अफसरों की नींद अब तक नहीं टूटी है।
प्रदेश सरकार जहां ऊर्जा मंत्री के जरिए बेहतर बिजली आपूर्ति व्यवस्था का दावा कर रही है, वहीं जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। सिलखोरी गांव के लोग इन गर्मी के दिनों में बिना बिजली के बेहद परेशान हैं। बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं सभी चिलचिलाती धूप और उमस से बेहाल हैं।
सबसे बड़ी हैरानी की बात यह है कि जब ग्रामीण शिकायत लेकर भरतकूप बिजली घर पहुंचे, तो उन्हें ट्रांसफार्मर सुधारने के नाम पर अलग से खर्च वहन करने को कहा गया। ग्रामीणों का कहना है कि वे नियमित रूप से बिजली का बिल भुगतान करते हैं, फिर भी अब उन्हें अलग से खर्च उठाने को मजबूर किया जा रहा है।
गांव के रामनारायण, सुरेंद्र और सीमा देवी समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि बिजली विभाग के कर्मचारियों की मनमानी और लापरवाही से आम लोग परेशान हैं। एक ओर सरकार गांवों में 24 घंटे बिजली देने का दावा कर रही है, वहीं यहां के हालात इससे उलट हैं।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से जल्द ट्रांसफार्मर बदलवाने और दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।








