

चित्रकूट में हरियाली अमावस्या का महत्व
चित्रकूट धाम में हरियाली अमावस्या के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। इस पवित्र दिन पर श्रद्धालु मां मंदाकिनी मैया के पवित्र जल से स्नान करते हैं और भगवान श्री कामतानाथ जी की परिक्रमा करते हैं।
उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से पहुंचे श्रद्धालु
उत्तर प्रदेश के लगभग 15 जनपदों से श्रद्धालु पैदल चलकर चित्रकूट पहुंचे हैं। हर गांव से श्रद्धालुओं का जत्था इस पवित्र अवसर पर शामिल होने के लिए आया है।
किसानों की भारी संख्या
इस अमावस्या का विशेष महत्व किसानों के लिए है, जो अच्छी फसल होने की कामना लेकर इस अवसर पर आते हैं। प्रत्येक वर्ष किसानों की भारी संख्या इस अमावस्या में भाग लेती है, जो अपनी फसलों की समृद्धि और अच्छी उपज की कामना करते हैं।
धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
हरियाली अमावस्या का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है, जो प्रकृति और कृषि के महत्व को दर्शाता है। इस अवसर पर श्रद्धालु भगवान कामतानाथ जी की परिक्रमा करते हैं और अपनी फसलों की समृद्धि की कामना करते हैं।
चित्रकूट की पवित्रता और महत्व
चित्रकूट एक पवित्र स्थान है, जो भगवान राम के वनवास के दौरान उनके निवास स्थान के रूप में प्रसिद्ध है। इस अवसर पर चित्रकूट की पवित्रता और महत्व को और भी बढ़ा देता है, जो श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।








