
रायपुर, 05 अक्टूबर 2026


सुदूर वनांचल में बसे गांवों के आंगन तक जब विकास की जलधारा पहुंचती है, तो वह केवल प्यास ही नहीं बुझाती, बल्कि पूरा जीवन जीने का तरीका ही बदल देती है। नारायणपुर जिला मुख्यालय से लगभग 45 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम चमेली में सेवा संकल्प अभियान और जल जीवन मिशन के साझा प्रयासों से ऐसा ही एक प्रेरक और दूरगामी बदलाव देखने को मिल रहा है। जो गांव कभी पेयजल के भीषण संकट और लंबी पैदल यात्राओं की मजबूरी के लिए जाना जाता था, आज वहां हर घर में नियमित रूप से शुद्ध एवं सुरक्षित नल का जल पहुंच रहा है।
75 परिवारों के घरों तक नल कनेक्शन पहुंचा
पहले नारायणपुर जिले के ग्राम चमेली में शुद्ध पेयजल की कमी, विशेषकर गर्मी के दिनों में, महिलाओं और बच्चों के लिए एक दैनिक संघर्ष हुआ करती थी। दूर-दराज़ से पानी ढोने में व्यतीत होने वाले घंटों के कारण ग्रामीणों की आजीविका, खेती-किसानी और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई जैसे महत्वपूर्ण कार्य भी बुरी तरह प्रभावित होते थे। इस विकट स्थिति को पूरी तरह बदलने के उद्देश्य से जल जीवन मिशन के तहत गांव में 3 सोलर आधारित जल टंकियों की स्थापना की गई। इसके साथ ही 5,350 मीटर लंबी पाइपलाइन का तंत्र बिछाकर गांव के 75 परिवारों के घरों तक नल कनेक्शन पहुंचाया गया। सौर ऊर्जा पर आधारित व्यवस्था होने के कारण बिजली कटौती या तकनीकी बाधाओं के बावजूद गांव में जलापूर्ति सुचारू और निर्बाध बनी रहती है।
महिलाओं का समूह गठित कर उन्हें जल वाहिनी के रूप में प्रशिक्षित किया गया
जल जीवन मिशन की इस सफलता को स्थायी और दीर्घकालिक बनाए रखने के लिए केवल अधोसंरचना निर्माण ही नहीं किया गया, बल्कि सामुदायिक सहभागिता को भी इसका मुख्य आधार बनाया गया। गांव में श्हर घर जल उत्सवश् का आयोजन कर ग्रामीणों को जल संरक्षण, संधारण और गुणवत्ता प्रबंधन के प्रति जागरूक किया गया। जलापूर्ति व्यवस्था के नियमित संचालन और रखरखाव के लिए गांव के ही दो समर्पित युवाओं को श्जल मित्रश् के रूप में चुना गया है। वहीं, सप्लाई होने वाले पानी की शुद्धता की नियमित जांच के लिए 5 स्थानीय महिलाओं का समूह गठित कर उन्हें जल वाहिनी के रूप में प्रशिक्षित किया गया है, जो समय-समय पर जल परीक्षण कर गांव को सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित कराती हैं।
हर घर शुद्ध पानी की पहुंच से गांव में स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति बढ़ी चेतना
घर के आंगन में ही शुद्ध जल उपलब्ध हो जाने से ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं का समय और श्रम दोनों बच रहा है। अब वे अपने बहुमूल्य समय का उपयोग परिवार की देखभाल, बच्चों के बेहतर पालन-पोषण और आर्थिक आजीविका गतिविधियों में कर रही हैं। हर घर शुद्ध पानी की पहुंच से गांव में स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति चेतना भी बढ़ी है तथा जलजनित बीमारियों का खतरा टल गया है। ग्राम चमेली का यह परिवर्तन इस बात का जीवंत प्रमाण है कि मजबूत प्रशासनिक इच्छाशक्ति और जनभागीदारी के मेल से सुदूर ग्रामीण अंचलों में भी जीवन की दिशा और दशा को सुधरते देर नहीं लगती।

















