
ईरान अमेरिका के बीच अब युद्ध के मैदान में धमाके और मिसाइल अटैक तो नहीं हो रहे हैं लेकिन मानसिक दबाव बनाने के लिए जुबानी जंग तेज हो गई है। ट्रंप के हर दिन अलग-अलग दावों पर ईरान भी मुंहतोड़ जवाब दे रहा है। अब दोनों देशों के बीच होर्मुज को लेकर भारी तनाव देखने को मिल रहा है। ताजा घटनाक्रम में अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने होर्मुज को लेकर ईरान को खुली चेतावनी दी है।
सबसे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर हमारा पूरा नियंत्रण है और जबतक हम चाहेंगे इस पर कंट्रोल रखेंगे। ईरान बिल्कुल बर्बाद हो चुका है। उसके पास लड़ाई के लिए सैनिक नहीं बचे हैं। उनके इस बयान का ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने खंडन किया था। उन्होंने कहा था कि अमेरिका का दावा गलत है क्योंकि अमेरिका का इंटेलिजेंस पूरी तरह फेल हो चुका है। इसी इंटेलिजेंस फेलियर के चलते ही ईरान युद्ध की शुरुआत हुई है।
अमेरिकी वॉर सेक्रेटरी पीट हेगसेथ ने क्या कहा?
अमेरिकी युद्ध सचिव हेगसेथ ने गुरुवार को चेतावनी दी कि संयुक्त राज्य अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लगाई गई अपनी नौसैनिक नकाबंदी को जरूरत पड़ने पर अनिश्चित काल तक जारी रख सकता है।
पनामा सिटी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए हेगसेथ ने जोर देकर कहा कि अमेरिकी नौसेना जहाजों को बारी-बारी से भेजकर इस नाकाबंदी को लंबे समय तक बनाए रख सकती है। उन्होंने कहा
अनिश्चित काल तक, संयुक्त राज्य अमेरिका की नौसेना ऐसी नाकाबंदी बनाए रख सकती है क्योंकि हम जहाजों को घुमाकर भेजते रहेंगे, जैसा हमले पहले किया है और हम ऐसा करते रहेंगे।
ट्रंप ने होर्मुज को लेकर क्या किया था दावा?
बता दें कि पीट हेगसेथ का बयान ट्रंप के उस बयान के एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका ने होर्मुज पर स्टील की दीवार खड़ी कर दी है। जिस पर अमेरिका जबतक चाहेगा पूरा कंट्रोल बनाए रखेगा।
उन्होंने आगे कहा कि ईरान के पास अब कोई नौसेना या वायुसेना नहीं बची है। IRGC लगभग खत्म हो चुक है और वह भाग रही है। बचे हुए सैनिकों को वेतन नहीं मिल रहा, नेतृत्व अनिश्चित है। ईरान देश आर्थिक रूप से बर्बाद हो चुका है और महंगाई 300 प्रतिशत के आसपास पहुंच गई है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनके पास सिर्फ फेक न्यूज और बढ़ती महंगाई बची है।
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने किया खंडन
ईरान ने तुरंत इन दावों को खारिज कर दिया था। फारस की खाड़ी जलडमरूमध्य प्राधिकरण (PGSA) ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि अमेरिकी अधिकारियों के बार-बार के दावों से हकीकत नहीं बदलती। होर्मुज अभी भी बंद है और ईरान की शर्तें स्वीकार होने तक इसे नहीं खोला जाएगा।
साथ ही ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भी ट्रंप के दावे के बाद X पर पोस्ट कर पलटवार किया था। उन्होंने कहा था कि अमेरिका का आकलन हमेशा गलत साबित होता है।
अराघची ने एक्स पर पोस्ट कर जवाब देते हुए कहा कि
अमेरिका लंबे समय से खुफिया विफलताओं के कारण गलत आकलन करता रहा है। इसका उदाहरण है ईरान युद्ध। उन्होने कहा कि ‘अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर और भी बड़ा गलत आकलन हो रहा है। फेक न्यूज से भी बदतर है फेक इंटेलिजेंस। सावधान रहें, अल्लाह महान है, पृथ्वी पर किसी भी शक्ति से बड़ा है। अल्लाह पर भरोसा है।’
ईरान अमेरिका युद्ध में आगे क्या?
पूरी दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी है कि क्या कूटनीति के जरिए अस्थायी युद्धविराम हो सकेगा। जिससे मिडिल ईस्ट में घहराता संकट कम हो सके और दुनिया गोला बारूद और मिसाइल के हमलों से बच सके।
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