October 1, 2026 10:19 pm

8th Pay Commission Pay Matrix: क्या ₹18,000 की न्यूनतम बेसिक सैलरी सीधे ₹72,000 होगी? जानिए Level 1 से 18 तक का प्रस्तावित फॉर्मूला

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, भत्ते और पेंशन में संशोधन को लेकर 8वें वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) के संभावित गठन और सिफारिशों पर व्यापक चर्चा जारी है। आमतौर पर केंद्र सरकार हर 10 साल के अंतराल पर नए वेतन आयोग की व्यवस्था करती है। 7वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2016 से लागू हुआ था, जिसके बाद कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹7,000 से बढ़कर ₹18,000 प्रति माह हुई थी। अब कर्मचारी यूनियनों और विशेषज्ञ प्रस्तावों के तहत 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 2.86 से 4.0 के बीच तय करने की मांग उठ रही है। यदि अधिकतम 4.0 के फिटमेंट फैक्टर की मांग पर विचार होता है, तो लेवल-1 की बेसिक सैलरी ₹18,000 से सीधे ₹72,000 तक पहुंच सकती है, जबकि 2.86 के अधिक यथार्थवादी फिटमेंट फैक्टर पर यह ₹51,480 के आसपास रहने का अनुमान है।

फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) वह गुणक या फॉर्मूला है जिसके आधार पर पिछले वेतन आयोग की बेसिक पे को नए वेतन आयोग की संशोधित बेसिक पे में बदला जाता है।

  • 6वें से 7वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था, जिसके चलते न्यूनतम बेसिक पे ₹7,000 × 2.57 = ₹18,000 निर्धारित हुई थी।

  • 2.86 फिटमेंट फैक्टर का गणित: यदि 8वें सीपीसी में फिटमेंट फैक्टर 2.86 तय होता है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 × 2.86 = ₹51,480 प्रति माह होगी।

  • 3.68 फिटमेंट फैक्टर का गणित: यदि कर्मचारी संगठनों की पुरानी 3.68 वाली मांग स्वीकार होती है, तो बेसिक पे ₹18,000 × 3.68 = ₹66,240 प्रति माह होगी।

  • 4.0 फिटमेंट फैक्टर का अधिकतम परिदृश्य: यदि फिटमेंट फैक्टर 4.0 लागू होता है, तो बेसिक सैलरी ₹18,000 × 4.0 = ₹72,000 प्रति माह दर्ज होगी।

केंद्रीय वेतन ढांचे में कुल 18 पे-लेवल (Pay Levels) हैं, जिनमें ग्रुप-सी से लेकर कैबिनेट सेक्रेटरी स्तर तक के अधिकारी शामिल हैं। 2.86 (संभावित मानक) और 4.0 (प्रस्तावित अधिकतम) फिटमेंट फैक्टर के आधार पर लेवल-वाइज शुरुआती बेसिक पे का तुलनात्मक प्रारूप:

पे-लेवल (Pay Level) पद/ग्रेड पे का स्तर 7th CPC शुरुआती बेसिक पे 8th CPC (2.86 फिटमेंट पर) 8th CPC (4.0 फिटमेंट पर)
Level 1 ग्रुप ‘D’ / MTS (GP 1800) ₹18,000 ₹51,480 ₹72,000
Level 2 लोअर डिविजन क्लर्क / LDC (GP 1900) ₹19,900 ₹56,914 ₹79,600
Level 3 कॉन्स्टेबल / जूनियर क्लर्क (GP 2000) ₹21,700 ₹62,062 ₹86,800
Level 4 यूडीसी / हेड कॉन्स्टेबल (GP 2400) ₹25,500 ₹72,930 ₹1,02,000
Level 5 सीनियर क्लर्क / असिस्टेंट (GP 2800) ₹29,200 ₹83,512 ₹1,16,800
Level 6 सब-इंस्पेक्टर / एग्जीक्यूटिव (GP 4200) ₹35,400 ₹1,01,244 ₹1,41,600
Level 7 इंस्पेक्टर / सेक्शन ऑफिसर (GP 4600) ₹44,900 ₹1,28,414 ₹1,79,600
Level 8 असिस्टेंट एकाउंट्स ऑफिसर (GP 4800) ₹47,600 ₹1,36,136 ₹1,90,400
Level 9 ग्रुप ‘A’ जूनियर एंट्री (GP 5400) ₹53,100 ₹1,51,866 ₹2,12,400
Level 10 सिविल सर्विसेज ग्रुप A एंट्री (GP 5400) ₹56,100 ₹1,60,446 ₹2,24,400
Level 11 अंडर सेक्रेटरी / सीनियर टाइम स्केल (GP 6600) ₹67,700 ₹1,93,622 ₹2,70,800
Level 12 डिप्टी सेक्रेटरी / जेएजी (GP 7600) ₹78,800 ₹2,25,368 ₹3,15,200
Level 13 डायरेक्टर स्तर (GP 8700) ₹1,23,100 ₹3,52,066 ₹4,92,400
Level 14 जॉइंट सेक्रेटरी स्तर (GP 10000) ₹1,44,200 ₹4,12,412 ₹5,76,800
Level 15 एडिशनल सेक्रेटरी स्तर ₹1,82,200 ₹5,21,092 ₹7,28,800
Level 16 स्पेशल सेक्रेटरी स्तर ₹2,05,400 ₹5,87,444 ₹8,21,600
Level 17 सेक्रेटरी टू जीओआई (Apex Scale) ₹2,25,000 ₹6,43,500 ₹9,00,000
Level 18 कैबिनेट सेक्रेटरी ऑफ इंडिया ₹2,50,000 ₹7,15,000 ₹10,00,000

जब बेसिक सैलरी का पुनरीक्षण होता है, तो उसका सीधा असर केंद्र सरकार के कर्मचारियों को मिलने वाले अन्य मुख्य भत्तों पर भी पड़ता है:

  • महंगाई भत्ता (Dearness Allowance – DA): नए वेतन आयोग के लागू होते ही मौजूदा डीए को शून्य (0%) पर रीसेट कर दिया जाता है और पूरी डीए वैल्यू को बेसिक पे में समाहित कर लिया जाता है।

  • मकान किराया भत्ता (HRA): एचआरए की दरें शहरों की श्रेणियों (X, Y, Z) के आधार पर बेसिक सैलरी के प्रतिशत के रूप में तय होती हैं। बेसिक बढ़ने से एचआरए की कुल राशि स्वतः काफी बढ़ जाएगी।

  • परिवहन भत्ता (TA): विभिन्न पे-लेवल्स के हिसाब से मिलने वाले ट्रांसपोर्ट अलाउंस और उस पर लगने वाले डीए में भी बढ़ोतरी दर्ज होगी।

  • पेंशन और ग्रेच्युटी (Pension & Gratuity): सेवानिवृत्त कर्मचारियों की न्यूनतम पेंशन, जो वर्तमान में ₹9,000 है, वह भी बेसिक पे के अनुरूप बढ़कर ₹25,000 से ₹36,000 तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही रिटायरमेंट ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा में भी विस्तार संभव है।

वेतन आयोग के लागू होने से लगभग 50 लाख से अधिक सेवारत केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख से अधिक पेंशनभोगियों को सीधा लाभ मिलता है। हालांकि, यह वित्तीय संशोधन सरकारी खजाने पर भारी प्रभाव डालता है। जब तक केंद्र सरकार औपचारिक रूप से आयोग के गठन, उसके अध्यक्ष और टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) की आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं करती, तब तक ये आंकड़े विभिन्न कर्मचारी संगठनों और वित्तीय विश्लेषकों द्वारा तैयार किए गए अध्ययन प्रस्तावों पर आधारित हैं। सरकार की अंतिम मंजूरी और कैबिनेट की मुहर के बाद ही वास्तविक पे-मैट्रिक्स और फिटमेंट फैक्टर तय होगा।

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