April 30, 2026 11:02 pm

CG: जनगणना देश का एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान

CG: जनगणना देश का एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान

मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना” 01 मई, 2026 से प्रारम्भ

जनगणना आंकड़ों का संग्रहण डिजिटल उपकरणों/माध्यमों से

रायपुर, 30 अप्रैल 2026

जनगणना 2027 हमारे देश का एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान है, जो केवल आंकड़ों का संकलन नहीं बल्कि भविष्य के भारत और हमारे राज्य छत्तीसगढ़ के विकास की ठोस नींव तैयार करने का कार्य करेगा। यह प्रक्रिया हमें यह समझने में सक्षम बनाती है कि समाज के विभिन्न वर्गों तक विकास के लाभ किस प्रकार और कितनी प्रभावशीलता से पहुँच रहे हैं। जनगणना आंकड़ों का संग्रहण डिजिटल उपकरणों/माध्यमों से किया जाएगा। जनगणना कार्य में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी फील्ड कर्मचारियों को फोटो युक्त पहचान-पत्र जारी किए हैं। राज्य के सभी नागरिकों से अपील है कि वे केवल अधिकृत पहचान-पत्र वाले कर्मचारियों को ही जानकारी उपलब्ध कराएं।

जनगणना निदेशालय छत्तीसगढ़ के निदेशक श्री कार्तिकेय गोयल द्वारा छत्तीसगढ़ के नागरिकों से यह अपील की गई है कि वे अपने उत्तम ज्ञान के आधार पर प्रगणक को सही-सही  जानकारी दें। नागरिकों द्वारा दी गई सही और पूर्ण जानकारी ही आने वाले समय में शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार एवं आधारभूत सुविधाओं से संबंधित योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होगी।

भारत में जनगणना 1872 से की जा रही है। भारतीय जनगणना का 150 वर्षों का इतिहास है। आगामी जनगणना देश की 16 वीं और स्वतन्त्रता के बाद की 8 वीं जनगणना होगी। छत्तीसगढ़  राज्य में जनगणना 2027 के प्रथम चरण यथा “मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना” का फील्ड कार्य दिनांक 01 मई, 2026 से प्रारम्भ हो रहा है जो 30 मई, 2026 तक संपादित किया जाएगा। वर्तमान समय में तकनीकी प्रगति को ध्यान में रखते हुए यह जनगणना विशिष्ट और उल्लेखनीय है, क्योंकि यह भारत की पहली ऐसी जनगणना होगी, जिसमें जनगणना आंकड़ों का संग्रहण डिजिटल उपकरणों/माध्यमों से किया जाएगा। यह परिवर्तन न केवल कार्य को अधिक पारदर्शी और तीव्र बनाएगा, बल्कि आंकड़ों की विश्वसनीयता और गुणवत्ता को भी सुदृढ़ करेगा। विशेष रूप से स्व-गणना (Self-Enumeration)  की सुविधा नागरिकों को सशक्त बनाती है, जिससे वे स्वयं अपनी जानकारी घर बैठे सुरक्षित एवं सहज तरीके से दर्ज कर सकते हैं। यह सुविधा छत्तीसगढ़ राज्य में दिनांक 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 की अवधि में स्व-गणना पोर्टल se.census.gov.in के माध्यम से उपलब्ध थी। आज  30 अप्रैल 2026 तक शाम की स्थिति में राज्य में एक लाख 32 हजार 195 परिवारों ने स्व-गणना का कार्य संपादित कर लिया है।

01 मई से 30 मई 2026 के दौरान प्रगणक घर-घर जाकर परिवारों से 33 प्रश्न पूछेंगे। यह प्रश्न मुख्य रूप से मकानों की स्थिति, परिवारों को उपलब्ध सुविधाओं तथा परिसंपत्तियों से संबन्धित होंगे। जनगणना के दौरान प्रगणक मोबाइल एप के माध्यम से जानकारी एकत्र करेंगे, जिससे प्रक्रिया सरल और त्रुटिरहित बनेगी। जनगणना में दी गई सभी व्यक्तिगत जानकारियाँ जनगणना अधिनियम 1948 तथा जनगणना नियमावली 1990 के प्रावधानों के अंतर्गत  पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी । इसे किसी से भी साझा नहीं किया जाता है। टैक्स,  पुलिस या जांच में इस जानकारी का उपयोग नहीं किया जा सकता है। इसका उपयोग किसी भी प्रकार के साक्ष्य के रूप में नहीं किया जा सकता। व्यक्तिगत जानकारी त्ज्प् के माध्यम से भी प्राप्त नहीं की जा सकती। इन आंकड़ों का उपयोग केवल नीति निर्माण एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए ही किया जाएगा।

प्रगणक द्वारा घर-घर जाने की प्रक्रिया के दौरान उत्तरदाता से किसी भी प्रकार की OTP की  मांग नहीं की जाएगी, और न ही कोई लिंक सांझा किया जाएगा। जिन परिवारों ने स्व- गणना किया है, प्रगणक के फील्ड विजिट के दौरान परिवार द्वारा 11 अंकों का स्व-गणना ID (SEID) ) उन्हें दिया जाना है जो कि स्व-गणना कार्य पूर्ण करने पर संबन्धित के मोबाइल एवं ई-मेल(यदि दी गई हो) पर प्राप्त हुआ है, ताकि उसे अपने मोबाइल एप में वेलीडेट कर सके। यदि SEID वेलीडेट नहीं हो पाया है अथवा किसी परिवार ने स्व-गणना नहीं किया है, तो भी प्रगणक के द्वारा उस परिवार का गणना कार्य पूर्ण किया जाएगा।

शहरी क्षेत्रों, बंद गेट वाली कालोनियों और अपार्टमेंट परिसरों में गणना कार्य को लेकर विशेष रणनीति बनाई गई है। सभी जिला कलेक्टर एवं नगर निगम आयुक्तों को निर्देश जारी किए गए हैं कि वे जिले के अंतर्गत आने वाले आवासीय समितियों और प्रबंधन समूहों को निर्देश जारी करें कि प्रगणकों को प्रवेश में  किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए, जिन आवासीय समितियों और प्रबंधन समूहों के द्वारा जनगणना कार्य में बाधा डाली जाएगी, उन पर जनगणना अधिनियम के तहत कार्यवाही किए जाने के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं।

राज्य में इस कार्य हेतु लगभग 62 हजार 500 अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी  लगाई गई है, जिसमें 47 प्रमुख जनगणना अधिकारी, 250 जिला स्तर के अधिकारी, 472 चार्ज अधिकारी, 1 हजार 160 मास्टर ट्रेनर्स एवं फील्ड ट्रेनर्स, 51 हजार 300 प्रगनक एवं 9 पर्यवेक्षक शामिल हैं।

राज्य में जनगणना 2027 का कार्य 33 जिले, 195 नगरीय निकाय एवं 252 तहसीलों के अंतर्गत 19 हजार 978 ग्रामों में संपादित कराये जाएंगे। जनगणना कार्य संपादित करने के लिए राज्य में 251 ग्रामीण चार्ज एवं 221 नगरीय चार्ज हैं । इन चार्जों के अंतर्गत लगभग 49 हजार  मकान सूचीकरण ब्लॉक बनाए गए हैं । इन मकान सूचीकरण ब्लॉकों में प्रगणकों के द्वारा घर-घर जाकर मकान सूचीकरण का कार्य संपादित किया जाएगा। जनगणना 2027 कार्य के लिए जन सामान्य हेतु जनगणना से संबन्धित जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 1855 स्थापित किया गया है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

R No. 13766/ 164

Advertisement Carousel

Your Opinion

Will Donald Trump's re-election as US President be beneficial for India?