बिलासपुर : न्यायधानी बिलासपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र से सामने आए हाई-प्रोफाइल दुष्कर्म और करोड़ों की धोखाधड़ी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एक भाजपा नेत्री को माइनिंग कारोबार में दोगुने मुनाफे का झांसा देकर उसका यौन उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग करने वाले झारखंड के रसूखदार कारोबारी संजय सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
सिविल लाइन थाना पुलिस की एक विशेष टीम ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को रांची (झारखंड) से दबोचा और बिलासपुर लाकर कोर्ट में पेश किया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने इस पूरे मामले में नए कानून के तहत धारा 64 (BNS) के तहत केस दर्ज किया है और आरोपी के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाने में लगी हुई है।
दरअसल, यह पूरा मामला दो साल पहले शुरू हुआ था, जब आरोपी संजय सिंह ने खुद को एक बड़ा उद्योगपति बताकर पीड़ित बीजेपी नेत्री से जान-पहचान बढ़ाई थी। आरोपी ने महिला नेता को माइनिंग यानी खनन के कारोबार में पार्टनरशिप और भारी-भरकम मुनाफे का लालच दिया। उसके रसूख और झांसे में आकर पीड़िता ने करोड़ों रुपये का निवेश कर दिया। इसी नजदीकी का फायदा उठाकर आरोपी संजय सिंह ने न सिर्फ पीड़िता के भरोसे का कत्ल किया, बल्कि उसके साथ कई बार दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।
इतना ही नहीं, आरोपी यहीं नहीं रुका, वह पीड़िता की मजबूरी का फायदा उठाकर लगातार उसे ब्लैकमेल करने लगा और डरा-धमकाकर लगातार मोटी रकम वसूलता रहा। प्रताड़ना की सारी हदें पार होने के बाद आखिरकार पीड़िता ने बिलासपुर के सिविल लाइन थाने में न्याय की गुहार लगाई, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
मामले की संवेदनशीलता और हाई-प्रोफाइल होने के कारण बिलासपुर पुलिस ने तुरंत एक्शन मोड में काम शुरू किया। हालांकि, एफआईआर दर्ज होने की भनक लगते ही आरोपी संजय सिंह बिलासपुर से फरार होकर झारखंड भाग गया था। सिविल लाइन थाना पुलिस ने तकनीकी इनपुट और सायबर सेल की मदद से आरोपी की लोकेशन रांची में ट्रैक की और बिना वक्त गंवाए एक विशेष टीम को झारखंड रवाना किया।
पुलिस टीम ने स्थानीय स्तर पर घेराबंदी कर रसूखदार ठेकेदार संजय सिंह को धर दबोचा। बिलासपुर लाने के बाद पुलिस ने दोनों के बीच हुए मोबाइल चैट, कॉल डिटेल्स, बैंक स्टेटमेंट और करोड़ों के संदिग्ध लेनदेन से जुड़े दस्तावेजी सबूतों को खंगाला। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद अब सलाखों के पीछे भेज दिया गया है, और पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी कड़ियों को जोड़ने में जुटी है ।








