
रविवार को वनकर्मियों पर हुए हमले के बाद आज प्रशासनिक टीम कार्रवाई के लिए पहुंची है.
खंडवा में वन, राजस्व और पुलिस विभाग के 600 कर्मचारी गुड़ी रेंज के आमाखुजरी जंगल में अतिक्रमण हटाने पहुंचे हैं. सुबह 7 बजे से टीम 30 जेसीबी मशीनों के साथ कार्रवाई में जुटी है. इससे पहले रविवार को जब 40 वन रक्षकों की टीम जंगल में खेती रोकने गई तो अतिक्रमणकारियों ने उन पर पथराव कर दिया. इस घटना में 8 वनकर्मी घायल हो गये.
इसके बाद अधिकारियों ने संयुक्त रणनीति के तहत जंगल में छापेमारी की है. एडिशनल एसपी महेंद्र तारणेकर के नेतृत्व में जंगल के अलग-अलग हिस्सों में जवानों को तैनात किया गया है. डीएफओ राकेश कुमार डामोर भी मौके पर मौजूद हैं.
गौरतलब है कि इसी साल वन विभाग ने अमाखुजरी जंगल में 500 एकड़ जमीन से अतिक्रमण हटाया था और सुरक्षा के लिए बड़े-बड़े गड्ढे खोदे थे. इसके बावजूद करीब 200 एकड़ जमीन पर फिर से कब्जा कर लिया गया है.
आज की कार्रवाई की 3 तस्वीरें देखें

तीन विभागों के लगभग 600 कर्मचारी साइट पर हैं।

30 जेसीबी की मदद से कंटूर खोदे जा रहे हैं।

टीम करीब 200 एकड़ जमीन से अतिक्रमण हटा रही है.
महिलाओं को आगे कर वनकर्मियों पर पथराव किया गया
रविवार को अमाखुजरी जंगल में अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम पर करीब 400 अतिक्रमणकारियों ने महिलाओं को आगे कर हमला कर दिया और गुलेल से पथराव कर दिया. उन्होंने लाठी-डंडों से भी हमला किया. कुछ वनकर्मियों के सिर जख्मी हो गये तो कुछ के कान कट गये. सभी घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है.

यह हमला गुड़ी रेंज के अमाखुजरी जंगल में फ्लाइंग स्क्वाड पर किया गया.

घायल वनकर्मियों ने कहा-हमला करने के लिए महिलाओं को आगे किया गया था.

हमले में 8 वनकर्मी घायल हो गये.

अतिक्रमणकारी वनकर्मियों पर गुलेल से पथराव कर रहे थे.
वनकर्मियों ने कहा, 'हमले के बाद दो घंटे तक नहीं मिली कोई मदद'
हमले में ज्वाला सिंह, रोमांक नायक, शैलेन्द्र यादव, राजेंद्र सिंह शक्तावत, राजेंद्र बागरी, प्रदीप बघेल, चंद्रपाल तोमर और राहुल लोधी घायल हो गए। ये सभी 2025 में भर्ती हुए विशेष उड़न दस्ते का हिस्सा हैं, जिन्हें जंगलों में अतिक्रमण रोकने के लिए तैनात किया गया था.
घायल वनकर्मियों का आरोप है कि घटना के करीब दो घंटे तक उन्हें मदद नहीं मिली. उनका कहना है कि पुलिस और एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची.









