
धार के ऐतिहासिक भोजशाला परिसर में शुक्रवार को होने वाली नमाज को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार को स्पष्ट निर्देश जारी किए.
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि अदालत के 14 जुलाई के अंतरिम आदेश का न केवल औपचारिक रूप से, बल्कि इसकी वास्तविक भावना के अनुसार अक्षरशः पालन किया जाना चाहिए।
कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि मुस्लिम समुदाय को शुक्रवार की नमाज अदा करने के लिए भोजशाला परिसर के बहुत करीब एक अस्थायी स्थान प्रदान किया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार (24 जुलाई) को करेगा, जिसमें प्रशासन द्वारा की गई नई व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी.

बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई.
प्रार्थना स्थल की दूरी को लेकर अदालती लड़ाई
सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष और सरकार की ओर से प्रार्थना स्थल की दूरी को लेकर अलग-अलग दावे पेश किए गए. मुस्लिम पक्ष की ओर से वरिष्ठ वकील हुजैफा अहमदी ने कहा- जिला प्रशासन ने जो जगह तय की है, वह भोजशाला से करीब 2 किलोमीटर दूर है. यह कोर्ट के आदेश की मूल भावना के खिलाफ है.
सरकार और प्रशासन का प्रतिनिधित्व कर रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा- निर्धारित जगह 2 किलोमीटर नहीं, बल्कि महज 900 मीटर दूर है. फिर भी, अधिकारी अधिक उपयुक्त स्थान की तलाश कर रहे हैं।

इससे पहले प्रशासन ने चालीस पीर दरगाह के पास जुमे की नमाज की व्यवस्था की थी.
इससे पहले 'चालीस पीर दरगाह' के पास इंतजाम किए गए थे.
14 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद, धार जिला प्रशासन ने चालीस पीर दरगाह के पास खाली जमीन को समतल कर दिया था और शुक्रवार की नमाज के लिए अस्थायी व्यवस्था की थी।
सदर अब्दुल समद ने इस व्यवस्था पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि यह भोजशाला से काफी दूर है। उन्होंने कहा कि यह सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप नहीं है. इस आपत्ति के बाद मुस्लिम पक्ष ने फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया.
अब सबकी निगाहें शुक्रवार की सुनवाई पर हैं
सुप्रीम कोर्ट के इस सख्त रुख के बाद अब सबकी निगाहें शुक्रवार को होने वाली सुनवाई पर है. कोर्ट देखेगा कि प्रशासन ने भोजशाला के पास कौन सी नई और उपयुक्त जगह तय की है. फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के इन ताजा निर्देशों पर जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.









