
Akhilesh Yadav on Lucknow-Kanpur Expressway: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे इन दिनों चर्चा में बना हुआ है। उद्घाटन के महज 20 दिनों के भीतर सड़क कई जगहों पर धंस गई है, जिससे इस पर अब तक 40 से अधिक पैचवर्क करने पड़े हैं। इस बीच, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें सड़क की मरम्मत वाले हिस्से को सुखाने के लिए बड़े-बड़े पंखे चलते दिखाई दे रहे हैं। अब समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इस वीडियो को शेयर करते हुए योगी सरकार पर निशाना साधा है।
अखिलेश यादव ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा कि यह भाजपाई तरक्की की नई हवा है। कुछ दिनों पहले ही जिसका उद्घाटन हुआ हो उस सड़क को मरम्मत की जरूरत पड़ गई और एक्सप्रेस स्पीड से मरम्मत को सुखाने के लिए पंखे का इस्तेमाल किया जा रहा है, ये भी हास्यास्पद है।
भाजपा राज में हुआ निर्माण धंसता ज्यादा है- अखिलेश
उन्होंने आगे तंज कसते हुए कहा कि 2-3 हफ्ते में ही जिस एक्सप्रेसवे का दम उखड़ने लगा है उस पर चलने का जोखिम कौन उठाएगा? सवाल ये भी है कि ‘अटल प्रोग्रेस वे’ योजना में ही रहेगा या कभी बनेगा भी? या कागजों में बनकर उसका ‘हिस्सा-बांट’ हो चुका है? उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा राज में हुआ हर निर्माण चलता कम है, धंसता, ढहता और गिरता ज्यादा है।
पिछले महीने हुआ था उद्घाटन
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन बीते महीने 13 जुलाई को हुआ था। 63 किमी लंबा एक्सप्रेसवे बनाने में कुल 4700 करोड़ रुपये खर्च हुए। यानी एक किमी पर करीब 75 करोड़ रुपये का खर्चा आया। यह उत्तर प्रदेश में अब तक जितने भी एक्सप्रेसवे बने हैं, उसमें से सबसे महंगा एक्सप्रेसवे है।
टोल भी वसूला जा रहा महंगा
इसके अलावा, इसका टोल भी महंगा है। हाईवे पर एक तरफ के सफर का 95 रुपये टोल लगता था। लेकिन अब एक्सप्रेसवे पर एक तरफ का टोल 275 रुपये वसूला जा रहा है। ऐसे में उद्घाटन के महज 20 दिनों के अंदर ही पांच बार कई जगह सड़क धंसने की शिकायतें सामने लगीं।
अब एक्शन में NHAI
NHAI अधिकारियों के अनुसार, लगातार हो रही भारी बारिश के कारण एक्सप्रेसवे के नीचे की मिट्टी की परतों में पानी भर गया। इस वजह से किलोमीटर 64 के पास सड़क का एक हिस्सा नीचे धंस गया। अधिकारियों ने बताया कि इस घटना के वास्तविक तकनीकी कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।
परियोजनाओं में लगातार मिल रही शिकायतों का कड़ा संज्ञान लेते हुए NHAI ने निर्माण एजेंसी PNC इंफ्राटेक के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। NHAI ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को कंपनी को ‘नॉन-परफॉर्मर’घोषित करने की संस्तुति की है।
इस लापरवाही के मामले में प्रशासनिक स्तर पर भी गाज गिरी है। परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा को हटा दिया गया है, जबकि पूर्व परियोजना निदेशक सौरभ चौरसिया को चार्जशीट जारी की गई है। इसके अलावा, प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक गुप्ता, रेजिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार और स्वतंत्र अभियंता टीम के प्रमुख सुरेंद्र कुमार पर दो साल का प्रतिबंध लगा दिया गया है। ये सभी अब दो सालों तक NHAI और मंत्रालय की किसी भी परियोजना में कार्य नहीं कर सकेंगे।
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