September 13, 2026 8:04 pm

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क्या पुराने स्टाइल का आधार कार्ड होगा ‘रिटायर’? UIDAI लाने जा रहा है हाई-टेक सिक्योर QR कोड वाला नया कार्ड; जानिए क्या होंगे बड़े बदलाव

भारत में डिजिटल पहचान का सबसे मजबूत आधार बन चुके आधार कार्ड के स्वरूप और उसकी सुरक्षा प्रणाली में अब तक का सबसे बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव होने जा रहा है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) आधार कार्डधारकों की डेटा प्राइवेसी और सुरक्षा को वैश्विक मानकों के अनुरूप मजबूत बनाने के लिए एक नए मिनिमलिस्ट और हाई-टेक कार्ड डिजाइन पर काम कर रहा है। अब तक जिस आधार कार्ड पर नाम, जन्मतिथि, पूरा पता और पहचान संख्या खुले तौर पर छपी होती थी, उसकी जगह अब केवल एक सुरक्षित डिजिटल फोटो और हाई-टेक एन्क्रिप्टेड क्यूआर कोड (Encrypted QR Code) वाला कार्ड पेश किए जाने की योजना है। इस कदम के पीछे का मुख्य उद्देश्य होटलों, यात्राओं, सिम कार्ड वेरिफिकेशन और निजी दफ्तरों में ली जाने वाली फोटोकॉपी के जरिए होने वाले डेटा लीक और धोखाधड़ी को पूरी तरह समाप्त करना है।

यूआईडीएआई द्वारा प्रस्तावित नए डिजाइन में प्राइवेसी को सबसे आगे रखा गया है:

  • कार्ड के सामने केवल फोटो और क्यूआर कोड: नए कार्ड के फ्रंट पर कार्डधारक की स्पष्ट डिजिटल फोटो, भारत सरकार का आधिकारिक प्रतीक (Emblem) और एक बड़ा, अत्यधिक सुरक्षित एन्क्रिप्टेड क्यूआर कोड मौजूद होगा।

  • निजी डेटा नहीं होगा खुला: कार्ड के ऊपर व्यक्ति का पूरा पता, जन्मतिथि या अन्य संवेदनशील पहचान विवरण सामान्य टेक्स्ट के रूप में प्रिंट नहीं रहेंगे।

  • एन्क्रिप्टेड डेटा स्टोरेज: कार्डधारक की सभी बुनियादी जानकारियां उसी क्यूआर कोड के भीतर डिजिटल सिग्नेचर के साथ सुरक्षित (Encrypted) रहेंगी, जिसे केवल यूआईडीएआई द्वारा अधिकृत स्कैनर्स और आधिकारिक ऐप के जरिए ही डिकोड किया जा सकेगा।

अब तक होटलों, हवाई अड्डों, परीक्षा केंद्रों और किराए के मकानों में पहचान के प्रमाण के तौर पर कार्ड की फिजिकल फोटोकॉपी जमा कराई जाती थी। यह असुरक्षित प्रतियां अक्सर गलत हाथों में पड़कर साइबर फ्रॉड और फर्जी सिम एक्टिवेशन का जरिया बन जाती थीं। नए सिस्टम में:

  • नो मोर फोटोकॉपी: सेवा प्रदाताओं को अब पेपर फोटोकॉपी लेने की अनुमति नहीं होगी।

  • क्यूआर कोड स्कैनिंग: सत्यापनकर्ता सिर्फ आधिकारिक स्कैनर से कार्ड पर छपा क्यूआर कोड स्कैन करेगा, जिससे बिना केंद्रीय सर्वर को लोड किए तत्काल ऑफलाइन ऑथेंटिकेशन (Offline Verification) पूरा हो जाएगा।

  • फेस ऑथेंटिकेशन का तालमेल: सत्यापन को और पुख्ता करने के लिए क्यूआर स्कैन के साथ स्मार्टफोन आधारित फेस ऑथेंटिकेशन (Face Authentication) को भी जोड़ा जा रहा है, जिससे किसी अन्य के कार्ड का इस्तेमाल पूरी तरह नामुमकिन हो जाएगा।

नए कार्ड के प्रस्तावित मॉडल की चर्चाओं के बीच आम नागरिकों में यह भ्रम भी फैल रहा है कि क्या उनके पुराने आधार कार्ड तुरंत अमान्य या रद्दी हो जाएंगे। यूआईडीएआई के सूत्रों और मौजूदा नियमों के मुताबिक:

  • पुराने कार्ड पूरी तरह वैध रहेंगे: वर्तमान में नागरिकों के पास मौजूद सभी वैध आधार कार्ड, पीवीसी कार्ड (PVC Card) और डिजिटल ई-आधार (e-Aadhaar) पहले की तरह ही पूरी तरह मान्य और कानूनी रूप से प्रभावी रहेंगे।

  • चरणबद्ध अपग्रेड: जब नया कार्ड औपचारिक रूप से सार्वजनिक रूप से रोलआउट होगा, तब नागरिकों को अपने पुराने कार्ड को नए फॉर्मेट में री-प्रिंट कराने या ऑनलाइन डाउनलोड करने का विकल्प उपलब्ध कराया जाएगा। किसी भी नागरिक की सेवाएं अचानक बंद नहीं की जाएंगी।

  • मास्क्ड आधार का सुरक्षित विकल्प: जब तक नया फॉर्मेट व्यापक रूप से सभी के हाथों में नहीं पहुंचता, तब तक नागरिक आधिकारिक पोर्टल से ‘मास्क्ड आधार’ (Masked Aadhaar) डाउनलोड करके अपनी गोपनीयता बनाए रख सकते हैं।

सरकार द्वारा लागू किए गए डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) नियमों के तहत किसी भी नागरिक के निजी डेटा को बिना सख्त जरूरत और सहमति के स्टोर करना कानूनी अपराध है। नया सिक्योर क्यूआर कार्ड इसी कानून के अनुरूप तैयार किया जा रहा है, ताकि नागरिक अपनी पहचान साबित करते समय केवल आवश्यक जानकारी ही साझा करें और उनकी निजी जिंदगी में किसी भी तरह की डिजिटल सेंधमारी न हो सके।

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