
भारतीय राजनीतिक गलियारों और प्रशासनिक संस्कृति में जब भी सादगी, संवेदनशीलता और जन-जुड़ाव की बात आती है, तो जनहित के कार्यों से जुड़े नेताओं के अनूठे अंदाज हमेशा जनता के दिलों पर गहरी छाप छोड़ जाते हैं। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (CM Vishnu Deo Sai) का एक बेहद मानवीय और प्रेरणादायक चेहरा सामने आया है, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया है। अपनी प्रशासनिक व्यस्तताओं के बीच जब भी मुख्यमंत्री को आम जनता के बीच समय बिताने का अवसर मिलता है, वे जमीन से जुड़े अपने संस्कारों को कभी नहीं भूलते। हाल ही में राजधानी रायपुर और राज्य के विभिन्न हिस्सों में मनाए जा रहे त्योहारों और विशेष अभियानों के दौरान सीएम विष्णु देव साय ने एक स्थानीय जरूरतमंद महिला के पास रुककर उसकी कला और मेहनत का मान बढ़ाया। पारंपरिक दीये बेच रही एक गरीब महिला से खुद दीये खरीदने के बाद उन्होंने न केवल उसकी आजीविका का संबल बढ़ाया, बल्कि अपनी दरियादिली दिखाते हुए उसे स्नेहपूर्वक एक हजार रुपए की आर्थिक मदद भी प्रदान की। मुख्यमंत्री की इस सादगी और खुले दिल वाले इस स्नेहपूर्ण कृत्य की गूंज अब पूरे राज्य में सोशल मीडिया से लेकर आम चौपालों तक चर्चा का केंद्र बन चुकी है।
घटना छत्तीसगढ़ की राजधानी के किसी व्यस्त मार्ग की है, जहां दीपावली और अन्य स्थानीय पर्वों के नजदीक आने के कारण बाजारों में चहल-पहल का माहौल था और पारंपरिक कुम्हार व छोटे कारीगर अपने हाथों से बनाए हुए मिट्टी के दीये, बर्तन और सजावट का सामान बेचने के लिए सड़क किनारे बैठे थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का काफिला जब उस मार्ग से गुजर रहा था, तो अचानक उनकी नजर सड़क किनारे मिट्टी के दीये सजाकर बैठी एक गरीब और बुजुर्ग महिला पर पड़ी। एक आम जननेता की तरह उन्होंने तुरंत अपने वाहन को रुकवाने का निर्देश दिया और सीधे उस महिला के पास जा पहुंचे। मुख्यमंत्री को अपने ठीक सामने अचानक पाकर वहां मौजूद लोग और खुद वह महिला एक पल के लिए हैरान रह गई। सीएम साय ने बेहद आत्मीयता के साथ उस महिला से उसकी कुशलक्षेम पूछी और उसके द्वारा बेचे जा रहे सामानों के बारे में जानकारी ली, जिससे उस आम नागरिक के चेहरे पर खुशी की एक अलग ही चमक दौड़ गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ (Vocal for Local) और ‘दीपावली पर स्वदेशी व स्थानीय कारीगरों के उत्पादों को बढ़ावा देने’ के अभियान को धरातल पर चरितार्थ करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उस महिला से बड़ी संख्या में पारंपरिक मिट्टी के दीये खरीदे। उन्होंने न केवल दीये खरीदे बल्कि यह संदेश भी दिया कि हमारे देश के पारंपरिक कुम्हार और शिल्पकार जो दीपावली जैसे पावन पर्व पर अपनी मेहनत से रोशनी बिखेरते हैं, उनका समर्थन करना हम सबका सामाजिक कर्तव्य है। सीएम साय ने वहां मौजूद अन्य लोगों और अधिकारियों से भी यह अपील की कि वे बाजारों में बड़े मॉल या विदेशी सामानों की जगह स्थानीय दस्तकारों और गरीब दुकानदारों से ही अपने त्योहारों की खरीदारी करें, ताकि उनके घरों में भी खुशियों का दीया रोशन हो सके। मुख्यमंत्री के इस कदम से यह साफ हो गया कि वे आम जनता के छोटे-छोटे व्यवसायों के प्रति कितने संवेदनशील और जागरूक हैं।
दीये खरीदने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपनी जेब से ससम्मान एक हजार रुपए निकालकर उस महिला को सौंप दिए और उसे आशीर्वाद देते हुए उसके पूरे परिवार के अच्छे स्वास्थ्य व उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इतने बड़े पद पर आसीन किसी मुख्यमंत्री द्वारा इस प्रकार खुले दिल से एक साधारण महिला की मदद करना और उसे आत्मीय सम्मान देना इस बात का सबूत है कि मुख्यमंत्री का दिल जमीन से कितना जुड़ा हुआ है। वह महिला आंसुओं और मुस्कान के मिले-जुले भाव के साथ मुख्यमंत्री को आशीर्वाद देने लगी, और आसपास खड़े लोगों ने इस दृश्य को देखकर तालियों के साथ मुख्यमंत्री की इस दरियादिली का स्वागत किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी इस घटना की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो गए, जहां नेटिज़न्स और आम जनता मुख्यमंत्री के इस सादगी भरे और मानवीय स्वभाव की जमकर सराहना कर रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का यह मानना है कि जब कोई शीर्ष पद पर बैठा राजनेता आम जनता के सुख-दुख में सीधे तौर पर शामिल होता है और इस तरह के छोटे लेकिन बड़े संदेश देने वाले कार्य करता है, तो इससे जनता का शासन और प्रशासन पर भरोसा और अधिक मजबूत होता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की यह शैली उन्हें अन्य नेताओं से अलग बनाती है, जहां वे केवल फाइलों और बैठकों तक सीमित न रहकर सीधे धरातल की वास्तविकताओं से जुड़े रहते हैं। माटी के दीये खरीदने और महिला को आर्थिक संबल प्रदान करने का यह वाकया आने वाले समय में भी लोगों की स्मृतियों में एक सकारात्मक और प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में याद रखा जाएगा, जो यह सिखाता है कि सत्ता और पद से बड़ी चीज इंसानियत और दूसरों के चेहरों पर मुस्कान लाना होती है।









