September 19, 2026 6:44 am

संजू सैमसन को प्लेइंग 11 से बाहर करने पर छलका गौतम गंभीर का दर्द: बोले- यह कोचिंग का सबसे मुश्किल फैसला

भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर अपनी बेबाक शैली, आक्रामक रणनीतियों और चयन में स्पष्टवादिता के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में संपन्न हुई अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में टीम इंडिया के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन ने जोरदार वापसी करते हुए तीन मैचों में दो धमाकेदार अर्धशतक जड़कर आलोचकों को करारा जवाब दिया है। इस शानदार प्रदर्शन के बाद हेड कोच गौतम गंभीर ने आखिरकार उस संवेदनशील और बहुचर्चित विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ी है, जिसने भारतीय क्रिकेट जगत में बड़ा बवाल खड़ा कर दिया था—यानी इंग्लैंड में खेली गई द्विपक्षीय टी20 सीरीज के दौरान टी20 विश्व कप 2026 के नायक संजू सैमसन को अचानक प्लेइंग इलेवन से बाहर कर देना। गंभीर ने स्वीकार किया कि सैमसन को बेंच पर बैठाना उनके पूरे कोचिंग कार्यकाल का अब तक का सबसे दर्दनाक और जटिल निर्णय था।

संजू सैमसन के हालिया अंतरराष्ट्रीय सफर पर नजर डालें, तो उन्होंने वर्ष 2026 के आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप में भारतीय टीम को विश्व विजेता बनाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी। कई दबाव भरे नॉकआउट मुकाबलों में अकेले अपने दम पर मैच का रुख पलटकर भारत को चैंपियन बनाने वाले सैमसन को उनके असाधारण प्रदर्शन के लिए प्रतिष्ठित ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ के खिताब से नवाजा गया था। हालांकि, खेल की अनिश्चितताओं के बीच विश्व कप की उस स्वर्णिम सफलता के ठीक बाद संजू के बल्ले से लगातार तीन पारियों में रन नहीं निकले। केवल तीन असफलताओं के आधार पर इंग्लैंड दौरे की टी20 सीरीज में टीम प्रबंधन ने उन्हें अंतिम एकादश से बाहर का रास्ता दिखा दिया था, जिसकी क्रिकेट विशेषज्ञों और प्रशंसकों ने तीखी आलोचना की थी।

अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज में सैमसन की विस्फोटक बल्लेबाजी और मैच-विनिंग पारियों के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में हेड कोच गौतम गंभीर ने भावुक लेकिन तार्किक अंदाज में उस फैसले की पृष्ठभूमि समझाई। गंभीर ने कहा कि कोई भी क्रिकेटर विश्व कप जैसे सबसे बड़े मंच पर ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ का तमगा यूं ही हासिल नहीं कर लेता; उसके भीतर विश्वस्तरीय प्रतिभा, तकनीकी निपुणता और मानसिक मजबूती होती है और संजू ने देश के लिए बहुत कुछ हासिल किया है। गंभीर ने इंग्लैंड सीरीज का जिक्र करते हुए खुलकर स्वीकार किया कि निश्चित रूप से संजू को बाहर बैठाना उनके लिए बेहद कठिन था। उन्होंने साफ लफ्जों में कहा कि उनके कोचिंग करियर में शायद सैमसन को इंग्लैंड के खिलाफ प्लेइंग इलेवन से ड्रॉप करना सबसे मुश्किल फैसला साबित हुआ था, विशेष रूप से तब जब उन्होंने उससे ठीक पहले टीम को चैंपियन बनाया था। कोच के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बार तात्कालिक संतुलन और मौजूदा फॉर्म को देखते हुए ऐसे कड़वे और अलोकप्रिय कदम उठाने पड़ते हैं।

गंभीर ने अफगानिस्तान सीरीज के दौरान टीम चयन की रणनीति पर प्रकाश डालते हुए स्पष्ट किया कि टीम मैनेजमेंट का विजन पूरी तरह पारदर्शी था। उन्होंने कहा कि टीम प्रबंधन ने पहले ही यह रणनीतिक फैसला ले लिया था कि वे टी20 विश्व कप के दौरान अजेय रहे उसी विजयी संयोजन (Winning Combination) को वापस मैदान पर उतारेंगे जिसने देश को ट्रॉफी दिलाई थी। गंभीर ने खिलाड़ियों को सुरक्षा का भरोसा देते हुए एक बड़ा सिद्धांत सामने रखा और कहा कि महज तीन या चार पारियों में असफल हो जाने से कोई भी स्थापित खिलाड़ी खराब या असफल नहीं हो जाता। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में फॉर्म में उतार-चढ़ाव स्वाभाविक है, लेकिन प्रतिभा और बड़े मैचों को जिताने का स्वभाव ही असली पैमाना होता है, जिसे संजू ने अफगानिस्तान के खिलाफ लगातार दो अर्धशतक ठोककर फिर साबित कर दिया है।

प्रेस वार्ता के दौरान जब घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगाकर भारतीय टीम के दरवाजे खटखटाने वाले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के चयन को लेकर सवाल पूछा गया, तो गौतम गंभीर ने चयन नीति की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया। गंभीर ने दो-टूक कहा कि वैभव सूर्यवंशी से टीम प्रबंधन की बहुत ही स्पष्ट और खुली बातचीत हो चुकी है कि उन्हें अपने मौके के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा। गंभीर ने कहा कि भारतीय थिंक टैंक सूर्यवंशी की असाधारण प्रतिभा, आक्रामक खेल और उनकी विशाल क्षमता से पूरी तरह परिचित है, लेकिन राष्ट्रीय टीम की प्लेइंग इलेवन में जगह पाने का एक स्थापित मानदंड है।

मुख्य कोच ने टीम चयन के बुनियादी नियमों को स्पष्ट करते हुए कहा कि भारतीय ड्रेसिंग रूम में उन खिलाड़ियों को सर्वोच्च प्राथमिकता और अधिमान (Preference) दिया जाएगा, जिन्होंने लंबे समय तक और दबाव में लगातार शानदार प्रदर्शन करके दिखाया है। गंभीर ने साफ शब्दों में कहा कि इस चयन व्यवस्था में पिछले दो वर्षों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाला सीनियर खिलाड़ी स्वाभाविक रूप से उस युवा खिलाड़ी से आगे रहेगा जो अभी-अभी टीम के सेटअप में शामिल हुआ है। गंभीर का यह बयान यह पुख्ता करता है कि संजू सैमसन जैसे अनुभवी मैच-विनर्स को लंबी रस्सी दी जाएगी और आगामी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय असाइनमेंट्स में वे भारतीय टी20 टीम की रीढ़ बने रहेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

R . 1

Advertisement Carousel

Your Opinion

Will Donald Trump's re-election as US President be beneficial for India?
error: Content is protected !!