September 20, 2026 4:02 pm

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‘वो गिनते जाएं, हम नियुक्ति पत्र बांटते जाएंगे’: CM योगी का सपा पर तीखा वार, 6 माह में 1 लाख सरकारी नौकरियों का पूरा हिसाब जारी

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित लोकभवन के मुख्य सभागार में शनिवार को आयोजित एक भव्य शासकीय समारोह के दौरान मिशन रोजगार का एक नया और ऐतिहासिक अध्याय लिखा गया। राज्य विधानसभा चुनावों से ठीक पहले युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और सुदृढ़ बनाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अंतिम रूप से चयनित 818 अभ्यर्थियों को अपने हाथों से सरकारी नियुक्ति पत्र सौंपे। इस गरिमामयी मंच से मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी और विपक्षी दलों पर राजनीतिक कटाक्ष करते हुए दो-टूक कहा कि ‘विपक्ष केवल आरोप गिनता रहे और हम प्रदेश के प्रतिभावान नौजवानों को बिना किसी सिफारिश के नियुक्ति पत्र बांटते जाएंगे।’ उन्होंने सार्वजनिक रूप से ऐलान किया कि सरकार ने अगले छह महीनों के भीतर एक लाख से अधिक युवाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी चयन प्रक्रियाओं के जरिए स्थायी सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराने का अचूक लक्ष्य निर्धारित कर लिया है।

लोकभवन में आयोजित इस वितरण कार्यक्रम में चिकित्सा, स्वास्थ्य और तकनीकी शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने वाले कई महत्वपूर्ण संवर्गों के चयनित अभ्यर्थियों को सेवा में शामिल किया गया। कुल 818 नियुक्तियों में से सबसे बड़ा हिस्सा स्वास्थ्य क्षेत्र को समर्पित रहा, जिसमें चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं विभाग के अंतर्गत 357 नवनियुक्त एक्स-रे टेक्नीशियन शामिल रहे, जिनकी तैनाती से जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में रेडियोलॉजी जांच की व्यवस्था सुधरेगी। इसके साथ ही, आयुष विभाग के अंतर्गत 404 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए, जिनमें होम्योपैथिक और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के विशेषज्ञ शामिल हैं। तकनीकी युवाओं को स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के अंतर्गत 48 योग्य अनुदेशकों (Instructors) को कार्यभार सौंपा गया, जबकि औद्योगिक नीति और उत्पादन सांख्यिकी के सटीक संकलन के लिए उद्योग निदेशालय, कानपुर के अंतर्गत चयनित नौ सहायक सांख्यिकीय अधिकारियों (ASO) को भी नियुक्ति पत्र देकर सरकारी सेवा में शामिल किया गया।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि रोजगार का यह महाअभियान किसी एक दिन का आयोजन नहीं है, बल्कि लगातार चलने वाली एक प्रशासनिक प्रक्रिया है। उन्होंने घोषणा की कि शनिवार को 818 युवाओं को पत्र सौंपने के बाद ठीक अगले दिन यानी रविवार को भी प्रदेश के करीब 1,000 अन्य सफल अभ्यर्थियों को अलग-अलग विभागों में जॉइनिंग लेटर सौंपे जाएंगे। अगले छह महीनों के भीतर एक लाख भर्तियों के घोषित लक्ष्य को हासिल करने के लिए मुख्यमंत्री ने भर्ती आयोगों और चयन बोर्डों का विस्तृत गणित भी सार्वजनिक किया:

  • पुलिस एवं होमगार्ड संवर्ग: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के माध्यम से 36 हजार से अधिक नागरिक पुलिस और पीएसी पदों पर चयन प्रक्रिया चल रही है, जबकि होमगार्ड विभाग में 41 से 42 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरणों में है। इन दोनों संवर्गों में वर्तमान समय में मेडिकल परीक्षण और शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

  • उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC): ग्रुप-ग की विभिन्न रिक्तियों को भरने के लिए यूपीएसएसएससी के जरिए अगले छह माह में 25 हजार से 30 हजार पदों पर अंतिम परिणाम घोषित कर नियुक्तियां दी जाएंगी।

  • उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग: नवगठित शिक्षा चयन आयोग के माध्यम से प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षण संस्थानों में रिक्त पड़े 20 हजार से 25 हजार शिक्षक और अनुदेशक पदों के परिणाम आगामी तीन से चार महीनों में जारी कर नियुक्ति पत्र बांटे जाएंगे।

  • उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC): राज्य की शीर्ष प्रशासनिक और तकनीकी सेवाओं के लिए यूपीपीएससी की परीक्षाओं के माध्यम से 15 हजार से 16 हजार पदों पर अंतिम चयन सुनिश्चित किया जाएगा।

विपक्षी दलों के बयानों पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 से पूर्व के प्रशासनिक भ्रष्टाचार का कच्चा-चिट्ठा खोला। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में जैसे ही किसी भर्ती का सरकारी विज्ञापन अखबारों में प्रकाशित होता था, वैसे ही सत्ता से जुड़े दलालों और वसूली का सिंडिकेट सक्रिय हो जाता था। उस दौर में योग्यता का गला घोंटकर भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार के जरिए ऐसे अपात्र लोगों को भी सरकारी पदों के नियुक्ति पत्र थमा दिए जाते थे, जिन्होंने कभी परीक्षा का आवेदन पत्र तक नहीं भरा था। वास्तविक और मेधावी अभ्यर्थी अपनी आंखों के सामने अपने अधिकारों का हनन देखते रह जाते थे और उन्हें न्याय पाने के लिए लखनऊ की सड़कों से लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की चौखट तक लाठियां खानी पड़ती थीं। मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि कैसे उस समय उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के शीर्ष पद पर एक अयोग्य और दागी व्यक्ति को बैठाकर संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा तार-तार कर दी गई थी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज जो लोग शुचिता का उपदेश दे रहे हैं, जनता 2027 के चुनावों के बाद उन्हें उपदेश देने की स्थिति में भी नहीं छोड़ेगी।

मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि 2017 में सत्ता संभालने के बाद उनकी सरकार ने सबसे पहले भर्ती प्रक्रियाओं से भ्रष्टाचार की जड़ काटने का काम किया। केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों के अनुरूप राज्य में ग्रुप-3 और ग्रुप-4 (तृतीय और चतुर्थ श्रेणी) की सभी गैर-राजपत्रित भर्तियों से व्यक्तिगत साक्षात्कार (Interview) की व्यवस्था को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया गया, जिससे अंकों की हेराफेरी और घूसखोरी का रास्ता हमेशा के लिए बंद हो गया। आज प्रत्येक भर्ती का विज्ञापन जारी होने से लेकर ऑनलाइन परीक्षा, उत्तर कुंजी, शारीरिक परीक्षण और अंतिम नियुक्ति पत्र वितरण तक की हर कड़ी की मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा रियल-टाइम डिजिटल समीक्षा की जाती है। इसी पारदर्शी व्यवस्था का नतीजा है कि पिछले साढ़े नौ वर्षों के दौरान उत्तर प्रदेश में करीब साढ़े नौ लाख (9,50,000) योग्य नौजवानों को बिना एक रुपये के खर्च और बिना किसी पैरवी के स्थायी सरकारी नौकरियों में चयनित किया जा चुका है।

सरकारी नौकरियों के साथ-साथ निजी क्षेत्र में स्वरोजगार और उद्यमिता के विस्तार का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में महज 120 स्टार्टअप गिने-चुने शहरों में संचालित थे, जबकि वर्तमान सरकार की अनुकूल औद्योगिक नीतियों, सिंगल-विंडो सिस्टम और वित्तीय इनक्यूबेशन के चलते आज प्रदेश में 24,000 से अधिक सक्रिय और पंजीकृत स्टार्टअप काम कर रहे हैं। ये युवा उद्यम आज हजारों करोड़ रुपये का सालाना कारोबार कर रहे हैं और लाखों अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने 25 से 29 सितंबर 2026 तक गौतमबुद्धनगर (ग्रेटर नोएडा) स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित होने वाले ‘यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो’ (UPITS) के चौथे भव्य संस्करण का भी विशेष उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस अंतरराष्ट्रीय मेले में दुनिया भर के 650 से अधिक विदेशी खरीदार (International Buyers) और 2,500 से अधिक घरेलू और वैश्विक प्रदर्शक शिरकत करेंगे, जो उत्तर प्रदेश के ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) और औद्योगिक उत्पादों को वैश्विक बाजार से सीधे जोड़ेंगे।

लोकभवन के इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, चिकित्सा शिक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा सहित मुख्य सचिव और संबंधित विभागों के प्रमुख शासन सचिव उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में मंच पर नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले साधारण ग्रामीण पृष्ठभूमि के अभ्यर्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार की बिना भेदभाव और पूर्णतः योग्यता-आधारित चयन प्रणाली ने उनके जीवन को बदल दिया है। बिना किसी सिफारिश या रिश्वत के केवल अपनी मेहनत के दम पर सरकारी सेवा में चयनित होना उनके और उनके पूरे परिवार के लिए एक सपने के सच होने जैसा है।

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