
कारोबारी सप्ताह के पहले दिन घरेलू और अंतरराष्ट्रीय सर्राफा बाजारों में सोने की चमक थोड़ी फीकी पड़ती दिखी। वैश्विक कमोडिटी बाजारों में अमेरिकी बॉन्ड यील्ड की मजबूती और डॉलर इंडेक्स के दबाव के कारण निवेशकों की ओर से सीमित स्तर पर मुनाफावसूली दर्ज की गई। भारतीय खुदरा बाजार में भी इसका सीधा असर देखने को मिला, जहां प्रमुख महानगरों में पीली धातु की कीमतों में सुस्ती दर्ज की गई। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 22 कैरेट सोने का भाव फिसलकर प्रति 10 ग्राम ₹1,42,990 के स्तर पर आ गया है, जबकि 24 कैरेट शुद्ध सोना ₹1,55,980 प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है।
भारतीय सर्राफा बाजार में स्थानीय करों, चुंगी और परिवहन लागत के कारण अलग-अलग शहरों में सोने की कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिलता है। सप्ताह के पहले दिन प्रमुख शहरों में प्रति 10 ग्राम सोने के ताजा रेट इस प्रकार दर्ज किए गए:
| शहर | 22 कैरेट सोना (प्रति 10 ग्राम) | 24 कैरेट सोना (प्रति 10 ग्राम) |
| दिल्ली | ₹1,42,990 | ₹1,55,980 |
| मुंबई | ₹1,42,850 | ₹1,55,840 |
| कोलकाता | ₹1,42,850 | ₹1,55,840 |
| चेन्नई | ₹1,42,850 | ₹1,55,840 |
| बेंगलुरु | ₹1,42,850 | ₹1,55,840 |
| अहमदाबाद | ₹1,42,900 | ₹1,55,890 |
| लखनऊ | ₹1,42,990 | ₹1,55,980 |
सप्ताह के पहले दिन आई इस नरमी के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारक जिम्मेदार माने जा रहे हैं:
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अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में उछाल: अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड के मजबूत बने रहने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैर-ब्याज वाली संपत्ति जैसे सोने की होल्डिंग लागत बढ़ जाती है। संस्थागत निवेशकों ने उच्च स्तरों पर आक्रामक खरीदारी टालते हुए मुनाफावसूली की है।
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डॉलर इंडेक्स का दबाव: डॉलर के अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले मजबूत होने से आयातित सोना अन्य देशों के खरीदारों के लिए थोड़ा महंगा हो जाता है, जिससे तात्कालिक मांग पर असर पड़ता है।
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घरेलू मांग में ठहराव: त्योहारी सीजन की खरीदारी से ठीक पहले खुदरा खरीदार अक्सर कीमतों में और करेक्शन का इंतजार करते हैं, जिसके चलते स्थानीय सराफा बाजारों में वॉल्यूम सामान्य बना हुआ है।
ग्राहकों को यह समझना आवश्यक है कि बाजार में कोट किया जाने वाला सोने का भाव ‘बेस प्राइस’ होता है। जब आप ज्वैलर की दुकान से तैयार आभूषण (Jewellery) खरीदते हैं, तो अंतिम बिलिंग राशि बेस रेट से अधिक होती है:
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मेकिंग चार्ज (Making Charges): ज्वैलर्स डिजाइन और कारीगरी के आधार पर 10% से 18% तक मेकिंग चार्ज जोड़ते हैं।
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वस्तु एवं सेवा कर (GST): कुल आभूषण मूल्य (सोने का बेस मूल्य + मेकिंग चार्ज) पर भारत सरकार द्वारा 3% की दर से जीएसटी लागू किया जाता है।
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हॉलमार्किंग शुल्क: बीआईएस (BIS) हॉलमार्किंग प्रमाणन के लिए प्रति आभूषण ₹35 से ₹45 तक का मामूली शुल्क अलग से देय होता है।
सोने की खरीदारी करते समय हमेशा हॉलमार्क वाले आभूषणों का ही चयन करें। 22 कैरेट सोने पर 91.6% शुद्धता का मानक लागू होता है, जिस पर भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का 6 अंकों वाला अल्फ़ान्यूमेरिक HUID (Hallmark Unique Identification) कोड अंकित होना अनिवार्य है। उपभोक्ता ‘BIS Care App’ के जरिए इस HUID कोड को डालकर सोने की शुद्धता और ज्वैलर के रजिस्ट्रेशन की प्रमाणिकता सीधे अपने मोबाइल पर जांच सकते हैं।








